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मौसम विभाग की भविष्यवाणी- इस साल सामान्य रहेगा मॉनसून, 96 फीसदी होगी बारिश

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 18 , 2017 , 19:39 IST | नयी दिल्ली

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 2017 के मॉनसून को लेकर कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून इस साल सामान्य रह सकता है। आईएमडी ने कहा कि मॉनसून के चार महीने अर्थात जून से लेकर सितंबर तक देश में औसतन 96 फीसदी बारिश हो सकती है। अगर बरसात 96 फीसदी से लेकर 106 फीसदी के बीच हो तो सामान्य बरसात कही जाती है।

साल 2016 में भी देश में जून से सितंबर के दरम्यान 97 फीसदी बरसात दर्ज की गई थी। मौसम विभाग अब जून के पहले हफ्ते में मानसून का ताजा अनुमान जारी करेगा।

अल-नीनो का खतरा कम हुआ टला नहीं ?

मौसम विभाग ने कहा है कि हालांकि अल-नीनो का खतरा थोड़ा कम हुआ है, जो राहत की बात है। आईएमडी का कहना है कि अल-नीनो का चक्र 2 साल से लेकर 5 साल का होता है और इस साल मानसून के दूसरे भाग में अलनीनो का खतरा बना हुआ है। अगस्त से अक्टूबर के बीच अल-नीनो की संभावना 50 फीसदी है।

क्या है बेहतर, सामान्य और खराब मॉनसून ? 
-बरसात अगर 106 फीसदी से 110 फीसदी हो तो सामान्य मॉनसून माना जाता है

-बरसात अगर 110 फीसदी से ज्यादा हो तो बेहतर मॉनसून मानी जाती है 

-जून से सितंबर के दौरान अगर बरसात 90 फीसदी से लेकर 95 फीसदी हो तो सामान्य से कम बारिश कही जाती है

सूखाग्रस्त की घोषणा

90 फीसदी से कम बरसात होने की स्थिति में सूखाग्रस्त घोषित कर दिया जाता है

पिछला आंकड़ा 

साल 2014 के दौरान देश में मॉनसून सीजन के दौरान 88 फीसदी और और 2015 के दौरान महज 86 फीसदी बरसात दर्ज की गई थी। जिसके चलते देश को लगातार दो साल सूखे का सामना करना पड़ा था।

भारत एक कृषि प्रधान देश है, करीब 65 फीसदी जनता खेती पर निर्भर है। भारतीय कृषि को मॉनसून का जुआ कहा जाता है। यानि भारत की कृषि मॉनसून पर आश्रित है।

जिस वर्ष अच्छी बारिश होती है, उस वर्ष पैदावार भी अच्छी होती। मौजूदा समय में देश में किसानों की स्थिति दयनीय है। सूखे की मार से हर वर्ष सैकड़ों किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। ऐसे में मौसम विभाग के अनुमान से किसानों की चिंता बढ़ना लाजिमी है।


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