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'मां' सिर्फ एक शब्द नहीं पूरी दुनिया है, जानें Mother's Day का इतिहास

अर्चित गुप्ता | 0
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| मई 13 , 2018 , 15:24 IST

मां सिर्फ एक शब्द नहीं पूरी दुनिया है। 9 महीने पेट में पालकर जन्म देने वाली मां इस संसार की रचना करने वाले भगवान के बराबर है। बचपन से हमारी हर जिद को पूरा करने वाली मां ने कभी खुद के बारे में कुछ नहीं सोचा। हर समय हमारी फिक्र करने वाली मां बिमार पड़ने पर भी आराम नहीं करती। मां के एहसान हम पर बहुत ज्यादा है और हम उन्हें कभी चुका भी नहीं पाएंगे। लेकिन उनका ख्याल रख, उनके प्रति प्यार जताकर हम उन्हें खुशी दे सकते हैं।

इस मदर्स डे के मौके पर सभी मांओं के लिए ये कविता...

मां तुम बहुत झूठी हो

दर्द में भी मुस्कुराती हो

हमारें लिए क्या नहीं करती हो

मगर अपना ख्याल नहीं रखती हो

हमारी हर ख़्वाहिश को पूरा करती हो

अपनी ख़्वाहिश का जिक्र नहीं करती हो

पल भर के लिए रूठती हो

पल भर में ही मान जाती हो

बीमार पड़कर भी न बताती हो

चुपचाप सो जाती हो

मां तुम बहुत झूठी हो

दर्द में भी मुस्कुराती हो

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मदर्स डे का इतिहास:

मदर्स डे ग्राफटन वेस्ट वर्जिनिया में एना जॉर्विस द्वारा समस्त माताओं और उनके गौरवमयी मातृत्व के लिए तथा विशेष रूप से पारिवारिक और उनके परस्पर संबंधों को सम्मान देने के लिए आरंभ किया गया था। यह दिवस अब दुनिया के हर कोने में अलग-अलग दिनों में मनाया जाता हैं। इस दिन कई देशों में विशेष अवकाश घोषित किया जाता है। 

कुछ विद्वानों का दावा है कि मां के प्रति सम्मान यानी मां की पूजा का रिवाज पुराने ग्रीस से आरंभ हुआ है। कहा जाता है कि स्य्बेले ग्रीक देवताओं की मां थीं, उनके सम्मान में यह दिन मनाया जाता था। यह दिन त्योहार की तरह मनाने की प्रथा थी। एशिया माइनर के आस-पास और साथ ही साथ रोम में भी वसंत के आस-पास इदेस ऑफ मार्च 15 मार्च से 18 मार्च तक मनाया जाता था। 

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भारत में 'मदर्स डे' मई महीने के दूसरे रविवार को:

लेकिन भारत में 'मदर्स डे' मई महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। चीन में, मातृ दिवस के दिन मां को उपहार के रूप में गुलनार का फूल दिया जाता है, ये दिन वहां गरीब माताओं की मदद के लिए 1997 में निर्धारित किया गया था।




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