नेशनल

गुजरात में दलितों पर हमले के विरोध का पर्याय बनी मूंछ!

शाहनवाज़ ख़ान , ब्लॉगर | 0
172
| अक्टूबर 4 , 2017 , 16:54 IST | गांधीनगर

कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर गुजरात के रहने वाले युवा अपनी मूंछ के साथ तस्वीरें पोस्ट कर रहे थे जो बहुत जल्दी वायरल हो गई। यह लोग पीयूष परमार नमक एक दलित युवा की पिटाई के विरोध में अपनी मूंछ वाली तस्वीरें शेयर कर रहे थे। गांधीनगर के पास स्थित लिम्बोदरा गांव में कुछ लोगों ने एक दलित युवक पीयूष परमार की इसलिए पिटाई कर दी थी, क्योंकि उसने मूंछ रखी थी। जिसके विरोध में इस अनोखे कैंपेन की शुरुआत हुई। 

पीयूष ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने उसके साथ सिर्फ इसलिए मारपीट की कि उसने स्टाइलिश मूंछ रखी थी। हालांकि कैंपेन की शुरुआत के तुरंत बाद क्रुनाल महेरिया नाम के दलित युवा के साथ भी स्टाइलिश मूंछ की वजह से मारपीट का मामला सामने आया।

_1507093632

मंगलवार शाम हुई ऐसी ही एक घटना ने इस कैंपेन को एक नया रुख दे दिया है। कथित रूप से मूंछों की वजह से 17 साल के लड़के पर ब्लेड से वार किया गया जिसमें उसको सात टांके आए हैं। जिस लड़के पर अब हमला हुआ उसने बताया कि पीयूष के साथ उसे भी पीटा गया था लेकिन तब उसने शिकायत नहीं की थी।

लड़के की बहन ने बताया कि उन्होंने पहले यह सोचकर शिकायत नहीं की थी कि वह अभी स्कूल में है और फिर थाने के चक्कर में वक्त खराब होगा। लेकिन अब ब्लेड से हमला होने पर FIR दर्ज करवाई गई। अब दलित कार्यकर्ताओं ने विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन करने का भी मन बना लिया है।

Moustache-2

गुजरात के सनद जिले में तीन हमले हुए हैं जिसका विरोध जताने के लिए वहां के लगभग 300 दलितों ने व्हाट्सअप पर मूंछ वाली फोटो लगा ली है। उसके साथ मिस्टर दलित लिखा है जिसके ऊपर ताज भी लगा हुआ है।

इससे पहले आनंद जिले में ही जयेश सोलंकी नामक एक व्यक्ति को कथित तौर पर ऊंची जाति के लोगों ने गरबा देखने के कारण पीट-पीटकर मार डाला था।


कमेंट करें