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Movie Review: जायकेदार और मसालेदार डिश है सैफ की ‘chef’

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 6 , 2017 , 11:53 IST | नई दल्ली

इस शुक्रवार यानी 6 अक्टूबर को सैफ अली खान की फिल्म ‘शैफ’ सिनेमाघरों में रिलीज़ हो गयी है। सैफ अली खान की ‘शेफ’ फूड, एम्बीशन और फैमिली को लेकर बुनी गई मॉडर्न फैमिली ड्रामा है, जिसमें एक प्यारी-सी कहानी है। फिल्म में छोटे-छोटे मूमेंट्स हैं जो चेहरे पर मुस्कान ला देते हैं, और कहानी भी बहुत ही प्यारी और आसान सी है। हालांकि सॉन्ग्स की वजह से थोड़ी खींची हुई लगती है। लेकिन सॉन्ग अच्छे हैं। कुल मिलाकर दर्शकों को यह मूवी पसंद आ रही है।

कहानी-

यह कहानी दिल्ली के चांदनी चौक के रहने वाले रोशन कालरा (सैफ अली खान) की है जिसे बचपन से ही खाना बनाने का शौक था और ये बात उसके पिताजी को बिल्कुल पसंद नहीं थी। यही कारण है कि रोशन अपने घर से भागकर न्यूयॉर्क चला जाता है और वहां के गली किचन नामक रेस्टॉरेंट में शेफ के रूप में काम करने लगता है। उसकी शादी राधा मेनन (पद्मप्रिया जानकीरमन) से हुई है और दोनों का एक बेटा अरमान (स्वर कांबले) भी है, लेकिन अब राधा और रोशन के बीच तलाक हो गया है। दोनों अलग रहते हैं। अरमान अपनी मां के साथ केरल में रहता है वहीं रोशन कालरा न्यूयॉर्क में। रोशन के साथ न्यूयॉर्क में कुछ ऐसा होता है जिसकी वजह से उसे वापस भारत आना पड़ता है और वो केरल जाकर अपने बेटे के साथ कुछ वक्त बिताता है। उसी दौरान चलती फिरती ट्रक के ऊपर वो दोबारा से अपने शेफ के काम को शुरू करता है। कहानी में ट्विस्ट और टर्न्स तब आते हैं जब बीजू (मिलिंद सोमन) की एंट्री होती है। आखिरकार क्या होता है, इसका पता आपको फिल्म देखकर ही चलेगा।

एक्टिंग -

सैफ अली खान, रोशन कालरा के किरदार में खूब जमे हैं। उन्होंने पिता और एम्बीशस शेफ के शेड्स बहुत बेहतरीन ढंग से पेश किए हैं। लंबे समय बाद सैफ अली खान को स्क्रीन पर देखकर मजा आया है, और उन्होंने इस किरदार से दिल जीता है। फिल्म का सरप्राइज पैकेज मलयालम फिल्मों की एक्ट्रेस पद्मप्रिया जानकीरमन हैं। उन्होंने सिंगल मदर का रोल स्क्रीन पर मलाई की तरह निभाया है। उनकी डायलॉग डिलीवरी कमाल की है। उनके चेहरे के एक्सप्रेशंस ऐसे हैं कि लगता ही नहीं है कि वे एक्टिंग कर रही है। उन्हें स्क्रीन पर देखना वाकई अच्छा लगता है। शोभिता धूलिपाला ने भी सैफ अली का दोस्त खूबसूरत ढंग से किया है। चंदन रॉय सान्याल और मिलिंद सोमन ने भी अपने किरदारों को सधे हुए ढंग प्ले किया है। स्वर काम्बले ने भी अच्छा काम किया है।

एकदम सिंपल डायलॉग्स-

फिल्म में ज़्यादा लाग लपेट नहीं है। जितना सीधा सैफ अली खान का किरदार है उतना ही सीधे फिल्म के डायलॉग्स हैं।

कमजोर कड़ियां-

फिल्म का ट्रीटमेंट अर्बन स्टाइल का है जिसकी वजह से शायद यह हर तबके को पसंद ना आए। फिल्म में टिपिकल मसाला नहीं परोसा गया है जो शायद मसाला वाली फिल्मों के प्रेमियों को अच्छा ना लगे। फिल्म का क्लाइमेक्स भी प्रेडिक्ट किया जा सकता है, जिसे बदला जाता तो कहानी और सटीक हो जाती।

क्यों देंखे-

फिल्म ‘शेफ’ की कहानी बेहद ही सिंपल है और इसके अंत को आसानी से प्रेडिक्ट किया जा सकता है। बावजूद इसके कहानी में नयापन है। पिता और पुत्र के ताने बाने पर तैयार इस फिल्म में कई सारे मैसेज है जो लोगों के दिल को आसानी से छू लेंगे। फिल्म का लोकेशन भी बेहद शानदार है। न्यूयॉर्क से लेकर केरल और फिर नार्थ इंडिया तक कई खूबसूरत इलाकों को इस फिल्म में दर्शाया गया है। हालांकि ये फिल्म हर तबके के लोगों को पसंद नहीं आएगी बावजूद इसके इस फिल्म को जरूर सराहा जाना चाहिए।


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