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महाराष्ट्र: इतिहास की किताबों से मुगल शासन 'गायब', सिलेबस में बोफोर्स और इमरजेंसी

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 7 , 2017 , 12:03 IST | मुंबई

महाराष्ट्र राज्य शिक्षा बोर्ड ने इतिहास की पाठ्यपुस्तकों में से मुगलों को गायब करना शुरू कर दिया है। इस शिक्षण वर्ष में बोर्ड ने सातवीं और नौवीं क्लास के लिए इतिहास की संशोधित टेक्स्टबुक्स प्रकाशित किया है, जिसमें शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित मराठा साम्राज्य पर मुख्य रूप से जोर दिया गया है। सातवीं क्लास की पुस्तकों में से उन चैप्टर्स को हटा दिया गया है जिसमें मुगलों और मुगल शासन से पहले भारत के मुस्लिम शासकों जैसे रजिया सुल्ताना और मुहम्मद बिन तुगलक के बारे में उल्लेख था।

सिलेबस से हटाया गए मुगल शासकों का इतिहास, ताजमहल और लाल किला भी गायब

समाचार पत्र पुणे मिरर में छपी एक खबर के मुताबिक, राज्य शिक्षा विभाग ने पूरे सिलेबस से मुस्लिम शासकों के इतिहास को हटा दिया है। नए इतिहास में इसका कहीं पर भी जिक्र नहीं है कि ताजमहल, कुतुब मीनार और लाल किला आखिर किसने बनवाया। लेकिन इस किताब में बोफोर्स घोटाले और 1975-77 में लगी इमरजेंसी का जिक्र है और उसे विस्तार से बताया गया है।

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खबर के मुताबिक, राज्य के शिक्षामंत्री विनोद तावड़े ने पिछले साल सिलेबस के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक कमेटी से मुलाकात की थी, जिसमें सिलेबस को लेकर चर्चा हुई थी। महाराष्ट्र इतिहास के जानकार बापूसाहेब शिंदे के अनुसार,

अब पुराने इतिहास की जगह नए इतिहास बताने पर जोर देना चाहिए. यही कारण है कि अब आधुनिक इतिहास को ही पढ़ाया जाएगा

अब बच्चों को स्कूल में पढ़ाया जाएगा बोफोर्स घोटाला और इमरजेंसी

संशोधित संस्करण में इन शासकों द्वारा बनाए गए स्मारकों जैसे ताज महल, कुतुब मिनार और लाल किला का भी जिक्र नहीं किया गया है। नौवीं क्लास के लिए संशोधित पुस्तकों में बोफोर्स घोटाला और 1975-1977 के आपातकाल का जिक्र किया गया है।

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आरएसएस के थिंक टैंक इतिहास की किताबों में कर रहें संशोधन

पुरानी और संशोधित पुस्तकों की इतिहास विषय कमिटी के एक सदस्य कोल्हापुर के रहने वाले बापू साहब शिंदे ने बताया कि पिछले साल राज्य के शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी में एक मीटिंग की थी। उस मीटिंग में पाठ्यक्रम में संशोधन पर चर्चा हुई थी।

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रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी एक थिंक टैंक है जिसे आरएसएस ने प्रमोट किया है। शिंदे ने बताया कि,इतिहास विषय को अपडेट करने और इसमें आधुनिक घटनाक्रमों को शामिल करने की जरूरत महसूस की गई। मुगल इतिहास को कम कर दिया गया है। आधुनिक इतिहास को शामिल करना जरूरी है।' जब इस मामले पर तावड़े की राय जानने के लिए संपर्क किया गया तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

 

 

 


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