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मुन्ना बजरंगी मर्डर: हत्या के लिए रॉबिन ने जेल में भिजवाई थी 2 पिस्टल

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
2019
| जुलाई 11 , 2018 , 19:40 IST

पूर्वांचल के माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी को बागपत जेल लाने के 12 घंटे के अंदर ही उसका सनसनीखेज कत्ल कर दिया गया। प्रदेश की सियासत को हिलाने वाले इस हाईप्रोफाइल मर्डर के पीछे माना जा रहा है कि पूरी प्लानिंग के तहत बजरंगी के खात्मे की जिम्मेदारी वेस्ट यूपी के कुख्यात सुनील राठी को दी गई। असलाह राठी के शूटर रॉबिन ने जेल तक पहुंचाए। रॉबिन फिलहाल फरार है।

मुन्ना बजरंगी की हत्या में सवालों से पर्दा उठना शुरू हो गया है। पुलिस की अभी तक जांच पड़ताल में पता चला है कि बागपत जेल में काफी पहले से मुन्ना बजरंगी के कत्ल की साजिश रची जा रही थी। इसके लिए सुनील राठी और उसके गुर्गों ने पूरा इंतजाम कर लिया था। करीब एक माह पहले मुलाकात के दौरान राठी ने इसकी जानकारी अपने शूटर रॉबिन को दी।

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पुलिस के अनुसार रॉबिन ही वो कड़ी है, जिसने मुन्ना बजरंगी के कत्ल के लिए दो पिस्टल जेल तक पहुंचाईं। इसके बाद इन पिस्टल को जेलकर्मियों की मदद से अंदर छिपाया गया। अभी ये साफ नहीं हो सका कि जेल में ये पिस्टल कैसे दाखिल की गईं, लेकिन कहा जा रहा है कि इसमें जेल कर्मियों ने मदद की। रॉबिन भी फरार है और उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है। अगर रॉबिन पकड़ में आता है तो यह खुलासा हो सकता है कि जेल के अंदर पिस्टल कैसे पहुंचाई गई।

आखिर कौन है रॉबिन

रॉबिन छपरौली का रहने वाला अपराधी है और सुनील राठी का खास है। राठी के लिए रॉबिन ने पहले भी कई वारदात अंजाम दी हैं। रुड़की जेल के बाहर हुई गैंगवार में भी रॉबिन का नाम सामने आया था। कुछ साल पहले बागपत से जब सुनील राठी का शूटर अमित उर्फ भूरा फरार हुआ था, तब भी रॉबिन और उसका भाई वारदात में शामिल थे। भूरा और रॉबिन पुलिस से एके-47 लूटकर भागे थे।

दो मैगजीन, 22 जीवित कारतूस मिले

बागपत जेल के गटर से मुन्ना बजरंगी की हत्या में प्रयोग की गई पिस्टल के साथ दो मैगजीन और करीब दो दर्जन जीवित कारतूस मिले हैं। गटर में मैगजीन और कारतूस की बात की सूचना पुलिस अधीक्षक को मिलते ही गटर साफ करने के लिए सफाई यंत्र मंगा लिए थे। सोमवार देररात तक गटर की सफाई चलती रही। इसके बाद वहां से पिस्टल के साथ दो खाली मैगजीन और 22 जीवित कारतूस मिले।

दो गेट पार कर गटर में फेंकी पिस्टल

जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या तन्हाई बैरक के सामने की गई। वहां से अहाते के गटर की दूरी करीब 200 मीटर है। तन्हाई बैरक से वहां तक पहुंचने के लिए दो गेट पास करने पड़ते हैं। इन गेटों पर बंदी रक्षक तैनात रहते हैं।

बरामद पिस्टल की फॉरेंसिक जांच होगी

पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश ने बताया कि जेल के गटर से मिला पिस्टल का मुन्ना बजरंगी की हत्या में प्रयोग किया जाना बताया जा रहा है। पिस्टल की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। उसके बाद ही पता चल सकेगा कि इस पिस्टल से हत्या हुई है या नहीं।
कारागार में हथियार पहुंचने की जांच अभी जारी है। मुन्ना बजरंगी के हत्यारोपी कुख्यात बदमाश सुनील राठी से घंटों तक पूछताछ की। बागपत पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम भी दिन भी बजरंगी हत्याकांड से जुडे तारों को खंगालने में जुटी रही। खासकर उन लोगों की कुंडली खंगाली जा रही है, जिन्होंने पिछले कुछ दिनों जिन्होंने पिछले कुछ दिनों में सुनील राठी व दूसरे कुख्यात बदमाशों से मुलाकात की है। ऐसे लोगों की सीडीआर भी निकलवाई जा रही है।

शव पर भी बरसाई गोली

कहा जा रहा है कि मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद सुनील राठी व उसके साथियों ने न केवल जश्न मनाया, बल्कि उसकी लाश पर भी गोलियां बरसाई गई। इतना ही नहीं दो अलग-अलग फोटो भी जेल से वायरल किए गए। एक फोटो में बजरंगी के मात्र सिर में गोली लगी है और उसका मृत शरीर पडा हुआ है। दूसरी फोटो में उसके सीने पर लगी गोली का सुराख साफ नजर आ रहा है। यानि ये दोनों फोटो अलग-अलग समय पर खींचे गए तथा मुन्ना बजरंगी की मौत के बाद भी उसके जिस्म पर गोलियां दागी गईं। अधिकारी जेल से वायरल हुए इन फोटो की जांच कराने का भी दावा कर रहे हैं।


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