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ट्रिपल तलाक से ज्यादा खतरनाक है बच्चा-बाज़ी, छोटे बच्चों के साथ होता है गुनाह

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 22 , 2017 , 15:45 IST | नई दिल्ली

यूं तो अब भारत समेत ज्यादातर देशों में मुस्लिमों में प्रचलित ट्रिपल तलाक का खात्मा हो चुका है लेकिन इस समाज में अभी भी कुप्रथाओं की भरमार हैं। ट्रिपल तलाक से कहीं ज्यादा खराब और नारकीय परंपरा है गिलमा। हालांकि भारत में इसका चलन देखने को नहीं मिलता लेकिन खाड़ी देश अभी भी इस घटिया कुप्रथा की चपेट में हैं।

क्या होता है गिलमा?

खाड़ी देशों और पाकिस्तान में ज्यादातर मुसलमान मानते हैं कि मरने के बाद उनको जन्नत में कुंवारी और सुन्दर हूरें दी जाएँगी और साथ में सुन्दर अल्पायु के लडके भी दिए जायेंगे जिन्हें “गिलमा” कहा जाता है।

दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां समलैंगिक संबंधो को मान्यता मिली हुई है , परन्तु अब भी संबंधों को दुनिया के प्रमुख धर्म मान्यता नही देते बल्कि उनका प्रबल विरोध भी करते हैं |

क़ुरान में समलैंगिक सम्बंध को हराम कहा गया है ,परन्तु जन्नत -उल- फ़िरदौस और जन्नत -उल -खुल्द की आयतों में जन्नत में हूरों के साथ “गिलमाओं” का मिलना आश्चर्य करता है

आपको यह बात जरुर अजीब लगेगी कि एक तरफ कुरान लड़कों के साथ दुराचार को बुरा कहती है ,और दूसरी तरफ लोगों को जन्नत में सुन्दर लडके मिलने का प्रलोभन देती है|

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कुरान में इनका ऐसा वर्णन है -
” और उनके चारों तरफ लड़के घूम रहे होंगे ,वह ऐसे सुन्दर हैं ,जैसे छुपे हुए मोती हों “सूरा -अत तूर 52 :24
(कुरान (وَيَطُوفُ عَلَيْهِمْ غِلْمَانٌ لَّهُمْ كَأَنَّهُمْ لُؤْلُؤٌ مَّكْنُونٌ 52:24
“वहां ऐसे किशोर फिर रहे होंगे जिनकी आयु सदा एक सी रहेगी (immortal youths ) सूरा -अल वाकिया 56 :१७

इन लड़कों की हकीकत कुरान की इस आयत से पता चलती है ,जो कहती है कि, “ऐसे पुरुष जो औरतों के लिए अशक्त हों (who lack vigour ) सूरा -नूर 24 :३१

बोलचाल की भाषा में हम ऐसे पुरुषों नपुंसक या हिजड़ा (Eunuchs ) कहते हैं। मुस्लिम शासक कई कई औरते रखते थे ,और हरम की रक्षा के लिए हिजड़े रखते थे। जिन्हें “खोजा सरा” कहा जाता था|


आज भी ये प्रथा अफगानिस्तान ,पाकिस्तान , अरब में मौजूद है जिसे “बच्चा बाजी ” कहा जाता है ,इसी तरह भारत में हिजड़ा बनाने कि प्रथा भी मुस्लिम शासक ही लाये थे जिनको “मुखन्निस (Arabic مخنثون “effeminate ones”) कहते हैं | यह ऐसे लडके या पुरुष होते हैं ,जिनका पुरुषांग काट दिया जाता ताकि वह स्त्री जैसे दिखें, और जब वह हरम में काम करें तो वहां की औरतों से कोई शारीरिक सम्बन्ध नहीं बना सकें परन्तु इनका मालिक इनसे समलैंगिक संबंध बना सके |

बच्चा बाजी(Pederasty) – इसमे छोटे छोटे लड़कों या तो खरीद कर या अगवा करके उठवा लिया जाता है, फिर उनको लड़कियों के कपड़े पहना कर नाच कराया जाता है और नाच के बाद उनके साथ कुकर्म किया जाता है | कभी कभी ऐसे लड़कों को खस्सी करके (Castrated ) हिजड़ा बना दिया जाता है | यह परम्परा अफगानिस्तान ,सरहदी पाकिस्तान में अधिक है| इस कुकर्म के लिए 9 से 14 साल के लड़को को लिया जाता है | अफगानिस्तान में गरीबी और अशिक्षा अधिक होने के कारण वहां बच्चा बाजीए क जायज मनोरंजन है।

अरब लोगों में गिलमा यानी Salve Boys रखने की पहुत पुरानी परम्परा है, इसे इज्जतदार होने की निशानी समझा जाता था। अमीर उन गिलमा लड़कों के साथ कुकर्म किया करते थे| कुरान में गिलमा को सुन्दर लडकों के लिए दी गई उपमा कहा गया है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि गिलमा लडके हिजड़े होते हैं ,जिन्हें कम आयु में ही Castrated करके हिजड़ा बना दिया जाता है | इसके बारे में प्रमाणिक और विस्तृत जानकारी खलीफा अल रशीद और खलीफा अल अमीन के इतिहास से मिलती है जिसे सन 1948 में लंदन से प्रकाशित किया गया था। किताब के मुताबिक दसवीं सदी ने खलीफा अल मुकतदिर (908 -937 ) ने बगदाद में अपने हरम में रखने के लिए 11 हजार लड़कों को हिजड़ा बनवाया ,जिनमे 7 हजार हब्शी और 4 हजार लडके ईसाई थे ( पेज 174 -175 ) इसका एक उद्देश्य तो उनके साथ कुकर्म करना था और दूसरा उदेश्य पराजित लोगों को अपमानित करना भी था|

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बाद में यही काम भारत में आने वाले हमलावर मुस्लिम शासकों ने भी किया ,जैसे जब बख्तियार खिलजी ने बंगाल पर हमला किया था ,तो उसने बड़े पैमाने पर 8 से 10 साल के पराजित धर्म के बच्चों को हिजड़ा बना दिया था इस से पहले सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ,मुहम्मद बिन तुगलक ने भी हिजड़े बनवाये थे|

इनका मुख्य मकसद था की पराजित शत्रु का वंशवृद्धि ना हो सके और दूसरा करण आप जान ही गये होंगे |

महमूद गजनवी और उसके हिजड़े गुलाम के “गिलमा बाजी” (homo sexual ) प्रेम यानी कुकर्म (Sodomy ) को इकबाल जैसे शायर ने भी आदर्श बताया है |


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