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ग्रहण के प्रभाव पर भरोसा करते हैं तो 31 जनवरी को बिल्कुल न करें ये काम ...

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 29 , 2018 , 17:11 IST

अगर आप हिन्दू रीति रिवाज़ों को मानते हैं और ग्रहों की चाल में विश्वास रखते हैं तो आपके लिए ये खबर उपयोगी साबित हो सकती है। 2018 का पहला चंद्रगहण 31 जनवरी को है।

31 जनवरी को माघ मास की पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण रहेगा। ग्रहण का समय शाम 5 बजे के बाद से रात में 8.45 बजे के बीच रहेगा। जिस दिन ग्रहण रहता है, उस दिन ग्रहण के समय से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। 31 जनवरी की सुबह 8 बजे के बाद सूतक शुरू हो जाएगा। ध्यान रखें सूतक काल में पूजा-पाठ नहीं करना चाहिए, इसीलिए पूजा-पाठ से संबंधित उपाय सूतक से पहले करना चाहिए।

31 जनवरी (1)

शास्त्रों के अनुसार चंद्र ग्रहण के समय कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। अन्यथा दुर्भाग्य बढ़ सकता है और निकट भविष्य में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यहां जानिए पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण के योग में कौन-कौन से काम नहीं करना चाहिए...

1. तेल मालिश न करें

ग्रहण के समय तेल मालिश भी नहीं करना चाहिए। जो लोग ग्रहण के समय तेल मालिश करते हैं, उन्हें त्वचा संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।

2. ग्रहण काल में सोना नहीं चाहिए

जो लोग ग्रहण के समय सोते हैं, उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अत: पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति को ग्रहण काल में सोना नहीं चाहिए। गर्भवती स्त्री, रोगी और वृद्धजन इस समय में सो सकते हैं, विश्राम कर सकते हैं।

3. पति-पत्नी को रखना चाहिए संयम

ग्रहण काल में पति-पत्नी को संयम रखना चाहिए यानी दूरी बनाए रखनी चाहिए। यदि ग्रहण के समय पति-पत्नी द्वारा संबंध बनाए जाते हैं तो यह अशुभ माना गया है। शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के समय बनाए गए संबंध से उत्पन्न होने वाली संतान का स्वभाव अच्छा नहीं रहता है यानी उस संतान में कई बुराइयां हो सकती हैं। अत: पति-पत्नी को ग्रहण काल में सावधानी रखनी चाहिए।

इस तरह के उपाय करके आप ग्रहण की छाया से होने वाली दिक्कतों से दूर रह सकते हैं और अपने परिवार को भी सुरक्षित रख सकते हैं। 


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