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ये होंगे फेरबदल के बाद मोदी कैबिनेट के नए चेहरे, क्या कयास पर लगेगी मुहर!

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 1
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| सितंबर 2 , 2017 , 14:42 IST | नई दिल्ली

मोदी कैबिनेट में रविवार को भारी फेरबदल होगा। लोकसभा चुनाव से करीब 20 महीने पहले मोदी कैबिनेट का संभवत: यह आखिरी विस्तार होगा। 9 राज्यों के 12 नेताओं को मंत्री पद मिल सकता है। जिन लोगों को मंत्री बनाया जा सकता है, उनमें बीजेपी उपाध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे, प्रहलाद पटेल, सुरेश अंगाड़ी, सत्यपाल सिंह और प्रहलाद जोशी प्रमुख हैं। जेडीयू से भी 2 नेताओं को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। हालांकि, जेडीयू और एआईएडीएमके पर सस्पेंस बना हुआ है कि इन पार्टियों को कैबिनेट में कितनी जगह दी जाएगी। बता दें कि शनिवार तक 8 मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं। बीतेपी अध्यक्ष अमित शाह के आवास पर हाई लेवल मीटिंग चल रही हैं और कयास लग रही है कि शनिवार शाम तक सभी नए मंत्री और विभागों के फेरबदल की लिस्ट फाइनल कर दी जाएगी। 

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प्रभु को मिल सकता है डिफेंस तो गडकरी को रेल! 

इसके अलावा कयास है कि नई मोदी टीम में कई सीनियर मंत्रियों का विभाग बदल सकता है। नितिन गडकरी को रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने के कयास हैं, तो सुरेश प्रभु को रेल की जगह रक्षा मंत्रालय का जिम्मा मिल सकता है। राधामोहन सिंह भी कृषि की जगह दूसरे मंत्रालय में शिफ्ट किए जा सकते हैं। वहीं प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल और धमेंद्र प्रधान को मिल सकता है अच्छे काम का इनाम और उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।

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उत्तरप्रदेश से अभी एक नाम चर्चा में

राज्य के 4 मंत्रियों की छुट्‌टी हुई है। ऐसे में बागपत से सांसद सत्यपाल सिंह मंत्री बन सकते हैं। 

मध्य प्रदेश से भी कोई एक बनेगा मंत्री

राकेश सिंह, प्रभात झा, आलोक संजर या प्रह्लाद पटेल में से किसी एक काे जगह मिल सकती है। मणिपुर चुनाव के समय प्रभारी रहे पटेल को इनाम की ज्यादा संभावना। राज्य में 2018 में चुनाव हैं।

गुजरात से एक ओबीसी चेहरा

यहां इसी साल चुनाव हैं। यहां से भारती स्याल मंत्री बन सकती हैं। भावनगर की सांसद भारती राज्य में ओबीसी चेहरा हैं।

बिहार से दो नेताओं को मिल सकती है जगह

नीतीश कुमार ने बिहार महागठबंधन छोड़कर जुलाई में बीजेपी से हाथ मिला लिया। बाद में जेडीयू चार साल बाद औपचारिक रूप से एनडीए में फिर शामिल हो गया। चर्चा है कि जेडीयू को मोदी सरकार में दो मंत्री पद दिए जा सकते हैं। जेडीयू से आरसीपी सिंह और संतोष कुशवाह को जगह मिल सकती है।

कर्नाटक से लिंगायत या वोकालिंगा मंत्री

यहां अगले साल मई में चुनाव हैं। सुरेश अंगाड़ी या शोभा करंदलाजे को केंद्र में जगह मिल सकती है। अंगाड़ी लिंगायत समुदाय तो शोभा वोकालिंगा समुदाय से हैं।

एआईएडीएमके से भी दो मंत्री बन सकते हैं

एआईएडीएमके से सांसद थंबीदुरई और मैत्रेयन मंत्री बनाए जा सकते हैं। पार्टी के लोकसभा में 37 सांसद हैं। बीजेपी-कांग्रेस के बाद तीसरी बड़ी पार्टी है।

महाराष्ट्र: शिवसेना-बीजेपी से एक-एक

शिवसेना के अनिल देसाई को मंत्री बनाया जा सकता है। बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे को मंत्री बनाया जा सकता है। चर्चा है कि सहस्त्रबुद्धे को पर्यावरण मंत्री बनाया जा सकता है।

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असम से किंगमेकर मिनिस्टर को मिलेगी जगह

राज्य सरकार में मंत्री हेमंत बिस्व सरमा को रक्षा राज्य मंत्री बनाया जा सकता है। असम में पिछले साल बीजेपी की पहली सरकार बनाने के पीछे सीएम सर्बानंद सोनोवाल के अलावा हेमंत बिस्वा सरमा का भी रोल था। हेमंत को चुनाव से पहले कई बार राहुल गांधी से मिलने से रोका गया। इसके बाद वे नाराज होकर बीजेपी में शामिल हो गए। असम के परंपरागत वोटरों और चाय बागानों में काम करने वाले 35 लाख मतदाताओं तक बीजेपी की पहुंच बनाने में उनका रोल रहा।

JDU-AIADMK पर सस्पेंस क्यों

JDU के एक सीनियर लीडर ने कहा, "हमारे सांसद दिल्ली में हैं। सरकार में साझेदारी को लेकर पार्टी के भीतर कभी कोई मसला नहीं रहा है। लेकिन, अभी तक हमसे कोई कम्युनिकेशन नहीं किया है। इस बारे में भी नहीं कि कैबिनेट में फेरबदल रविवार को होना है। AIADMK पर सस्पेंस इसलिए है, क्योंकि अभी तक पार्टी ने ये कन्फर्म नहीं किया है कि वो NDA ज्वाइन कर रही है या फिर नहीं। हालांकि, इससे अलग पार्टी के लीडर थम्बिदुराई ने अमित शाह से शनिवार को मुलाकात की है।

अभी ये हैं टॉप-5

सरकार में अभी टॉप-5 नेताओं में सीनियॉरिटी का क्रम इस तरह है- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, रक्षा, वित्त और कॉर्पोरेट अफेयर्स मंत्री अरुण जेटली, रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवेज मंत्री नितिन गडकरी और रेल मंत्री सुरेश प्रभु।

इन चार मंत्रालयों को फुलटाइम मिनिस्टर की जरूरत

डिफेंस: मनोहर पर्रिकर के गोवा के सीएम के रूप में लौटने के बाद अरुण जेटली के पास डिफेंस मिनिस्ट्री का एडिशनल जिम्मा है।

पर्यावरण:राज्यसभा सदस्य अनिल माधव दवे का निधन होने के बाद पर्यावरण मंत्रालय का एडिशनल चार्ज डॉ. हर्षवर्धन को दिया गया है। उनके पास पहले से साइंस एंड टेक्नोलॉजी और अर्थ साइंस मंत्रालय है।

शहरी विकास: एम वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति बनने के बाद शहरी विकास मंत्रालय का जिम्मा नरेंद्र सिंह तोमर को सौंपा गया, जो ग्रामीण विकास मंत्री भी हैं।

सूचना-प्रसारण: नायडू के पास सूचना और प्रसारण मंत्रालय का प्रभार भी जो अभी स्मृति ईरानी काे दिया गया है। स्मृति कपड़ा मंत्री भी हैं।

 

 

 


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