नेशनल

पीएम मोदी के भाई करते हैं पेट्रोल पंप पर काम, कुछ इस कदर गुजरती है उनकी जिन्दगी

अर्चित गुप्ता | 0
193
| सितंबर 16 , 2017 , 22:37 IST | नई दिल्ली

नरेंद्र मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं, जिनके परिवार के अन्य सदस्य एक अनजान सी जिंदगी जी रहे हैं। खुद प्रधानमंत्री मोदी भी उनकी तारीफ कर चुके हैं। वे कहते हैं कि इसका श्रेय मेरे भाईयों और परिवार के सदस्यों को जाता है, क्योंकि उन्होंने मुझ पर कभी कोई दबाव नहीं डाला। आपको बता दें कि मोदी के एक चचेरे भाई अशोक भाई पटेल वडऩगर के घीकांटा बाजार में एक ठेला चलाते हैं। अपना जीवन जीने के लिए वे ठेले पर पतंग, पटाखे और छोटी-मोटी चीजें बेचा करते हैं।

वे मोदी के दिवंगत चाचा नरसिंह दास के बेटे हैं। उन्होंने डेढ़ हजार रुपए महीने के किराए पर एक दुकान ले रखी है, जिससे उन्हें करीब 4 हजार रुपए मिल जाते हैं। पत्नी वीणा के साथ एक स्थानीय जैन व्यापारी के साप्ताहिक गरीबों को खाना खिलाने के आयोजन में काम करके तीन हजार रुपए और जुटा लेते हैं। इसमें अशोक भाई खिचड़ी और कढ़ी बनाते हैं और वीणा बर्तन मांजती हैं। ये तीन कमरों के एक मकान में रहते हैं।

अशोक के बड़े भाई हैं भरत भाई। 55 साल के भरतभाई वडऩगर से 80 किलोमीटर दूर पालनपुर के पास लालवाड़ा गांव में एक पेट्रोल पंप पर 6 हजार रुपए महीने में अटेंडेंट का काम करते हैं और हर 10 दिन में घर जाते हैं। वडऩगर में उनकी पत्नी रमीलाबेन पुराने भोजक शेरी इलाके में घर में ही किराना सामान बेचकर महीने में करीब 3 हजार रुपए कमा लेती है। तीसरे भाई 48 साल के चंद्रकांत अहमदाबाद के एक पशुगृह में हेल्पर का काम करते हैं।

Modi bhai

अशोक और भरत के चौथे भाई हैं 61 साल के अरविंद,जो कबाड़ी का काम करते हैं। वो वडऩगर और आसपास के गांवों में फेरी लगाकर पुराने तेल के टिन और ऐसा कबाड़ खरीदते हैं,फिर उसे ऑटो या बस से ले जाते हैं। बड़े व्यापारियों को ये बेचकर उन्हें महीने में 6-7 हजार रुपए की कमाई होती है,जो उनके और पत्नी रजनीबेन के लिए काफी है,उनका कोई बच्चा नहीं है।

प्रधानमंत्री मोदी के परिवार के कुछ सदस्य उनके सबसे छोटे भाई प्रहलाद मोदी से दूरी बनाए रखते हैं। वो गल्ले की दुकान चलाते हैं और गुजरात राज्य सस्ता गल्ला दुकान मालिक संगठन के अध्यक्ष हैं। वो सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के मामले में मुख्यमंत्री मोदी की पहल से नाराज रहते हैं और दुकान मालिकों पर छापा मारने के खिलाफ प्रदर्शन कर चुके हैं।

Ashokbhai-modi

अक्टूबर में पुणे में एक एनजीओ के कार्यक्रम में संचालक ने सभी को बता दिया कि 75 वर्षीय सोमभाई मोदी प्रधानमंत्री के सबसे बड़े भाई हैं। सोमभाई ने सफाई देते हुए कहा,मेरे और प्रधानमंत्री के बीच एक परदा है। मैं उसे देख सकता हूं पर आप नहीं देख सकते। मैं नरेन्द्र मोदी का भाई हूं। प्रधानमंत्री का नहीं। प्रधानमंत्री मोदी के लिए तो मैं 125 करोड़ देशवासियों में से ही एक हूं,जो सभी उनके भाई बहन हैं। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले ढाई साल से सोमभाई उनसे नहीं मिले हैं।

भाईयों के बीच सिर्फ फोन पर ही बात हुई है। सोमभाई से छोटे पंकज मोदी गुजरात सूचना विभाग में अधिकारी हैं। वे नरेन्द्र मोदी से मिल लेते हैं क्योंकि उनकी मां हीराबेन उन्हीं के साथ गांधीनगर के तीन कमरे के साधारण घर में रहती हैं। पीएम पिछले दो महीने में दो बार अपनी मां से मिल चुके हैं।

Namofamily3


कमेंट करें