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खेलों में सट्टेबाजी हो लीगल, कर वसूली के लिए संसद बनाए कानून : विधि आयोग

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 6 , 2018 , 12:40 IST

विधि आयोग ने सरकार से खेल में सट्टेबाजी को कानूनी दायरे में लाने की सिफारिश की है। लॉ कमीशन ने कानून मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट में कहा गया कि है कि मौजूदा कानून सटटा रोकने में पूरी तरह असरदार नही दिखा रहा, ऐसे में सरकार को क्रिकेट में सट्टे को नियमित कर देना चाहिए।

गुरुवार को आयोग ने सिफारिश की कि क्रिकेट सहित अन्य खेलों में गैमब्लिंग और सट्टेबाजी की इजाजत दी जाए। आयोग ने मैच फिक्सिंग और अन्य खेलों में होने वाले घोटाले को आपराध की श्रेणी में रखने की भी सिफारिश की। विधि आयोग ने अपनी रिपोर्ट 'लीगल फ्रेमवर्क : गैम्बलिंग एंड स्पो‌र्ट्स बेटिंग इंक्लूडिंग क्रिकेट इन इंडिया' में सट्टे के नियमन के लिए कानून में कई संशोधनों और इससे कर राजस्व हासिल करने के सुझाव दिए हैं।

इसके मुताबिक, 'जुए के नियमन के लिए संसद एक मॉडल कानून बना सकती है जिसे राज्य भी अपना सकते हैं। अथवा वैकल्पिक रूप में संसद संविधान के अनुच्छेद 249 या 252 के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए विधेयक बना सकती है। यदि अनुच्छेद 252 के तहत विधेयक पारित किया जाता है तो सहमति वाले राज्यों के अलावा अन्य राज्य इसे अपनाने के लिए स्वतंत्र होंगे। ’’

पूरी तरह नहीं रोक सकते सट्टेबाजी-:

लॉ कमिशन ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को सौंपी। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सट्टेबाजी और जुए जैसी गतिविधियों को पूरी तरह से खत्म या रोका नहीं जा सकता है, इसलिए इसे नियंत्रित रूप से चलाना एक बेहतर विकल्प है। इसके साथ ही आयोग का कहना है कि नियमित तरीके से इनका क्रियानवयन करके हम विदेशी निवेश को भी आकर्षित कर सकते हैं।


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