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अंतर्राष्ट्रीय समुद्र मामलों के कोर्ट की पहली भारतीय महिला जज बनीं नीरू

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 15 , 2017 , 14:43 IST | नई दिल्ली

भारत की तरफ से अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट में भारतीय मछुआरों की हत्या वाले मामले की पैरवी करने वाली नीरू चढ्ढा को इंटरनेशनल ट्रिब्युनल फॉर द लॉ ऑफ द सी (ITLOS) के जज के तौर पर निर्वाचित गया है। बता दें कि नीरू चढ्ढा आईटीएलओएस की पहली भारतीय महिला सदस्य के रूप में निर्वाचित हुई है।

ट्रिब्युनल फॉर द लॉ ऑफ द सी संयुक्त राष्ट्र का ही कोर्ट है। जो समुद्री सीमा पर होने वाले विवादो का फैसला करता है। नीरू बुधवार को नौ वर्ष के कार्यकाल के लिए निर्वाचित हुई है, इस अदालत में दो देशों के बीच समुद्री विवादों का निपटारा किया जाता है। इस ट्राइब्यूनल का गठन 1996 में किया गया था और इसका केंद्र जर्मनी के हैमबर्ग में हैं।

नीरू चड्ढा एशिया प्रशांत समूह से एकमात्र उम्मीदवार थीं, जिन्हें पहले दौर के मतदान में चुना गया। इस दौरान 168 देशों ने मतदान किया।

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दरअसल, नीरू चढ्ढा विदेश मंत्रालय में मुख्य कानूनी सलाहकार के तौर पर काम कर रही है। नीरू चढ्ढा पेशे से एक वकील है और यह पहली दफा हुआ है कि इंटरनेशनल ट्रिब्युनल फॉर द लॉ ऑफ द सी पर किसी भारतीय महिला को जज के तौर पर नियुक्त किया गया है।


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