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यहां पीरियड्स के दौरान महिलाओं को घर से बाहर रखने की कुप्रथा है...

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 10 , 2017 , 14:59 IST | नेपाल

नेपाल की संसद ने एक कानून पारित कर उस प्राचीन हिंदू परंपरा पर रोक लगा दी है जिसके तहत पीरियड्स के दौरान महिलाओं को घर से बाहर रखा जाता है।

नए कानून के तहत यदि किसी महिला को पीरियड्स के दौरान बाहर रहने के लिए मजबूर किया गया तो आरोपी को 3 महीने की जेल या फिर 3 हजार रुपए जुर्माने के तौर पर देने होंगे। आपको बता दें कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं को अपवित्र माना जाता है। बीते महीने घर के बाहर बनी झोपड़ी में सो रही एक किशोरी की सांप के काटने से मौत हो गई थी। 2016 में भी चौपदी प्रथा का पालन करते हुए दो किशोरियों की मौत हुई थी। जिस कारण नेपाल संसद ने यह फैसला लिया है। इनमें से एक ने ठंड से बचने के लिए आग जलाई थी जिसके धुएं से दम घुटकर उसकी मौत हो गई थी जबकि दूसरी महिला की मौत की वजह पता नहीं चल सकी थी।

ये प्रथा महिलाओं पर पीरियड्स के अलावा बच्चे के जन्म के बाद भी लागू होती है। चौपदी इन महिलाओं के लिए नर्क की सजा से कम नहीं। उनकी हालत एक अछूत जैसी होती है। न उन्हें घर में जाने की इजाजत होती है, न खाना-पीना छूने की इजाजत होती है। यहां तक कि वो जानवरों का चारा भी नहीं छू सकतीं। जिस झोपड़ी में वो रहती हैं, उनमें तमाम तरह के खतरे होते हैं। जानवरों का खौफ तो छोड़िए, उन्हें बलात्कार के डर का भी सामना करना पड़ता है।

इस परंपरा पर दस साल पहले ही देश के सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी, लेकिन इसके बावजूद कई इलाकों, विशेषकर पश्चिमी नेपाल के कई गांवों में ये अब भी जारी है। चौपदी प्रथा के जारी रहने की एक वजह ये भी थी कि ऐसा करने वालों को दंडित करने के लिए कोई कानून नहीं था। हालांकि नए कानून को लागू होने में भी एक साल तक का समय लग सकता है।


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