नेशनल

चीन की दादागिरी बेनक़ाब, लद्दाख में पत्थरबाजी का वीडियो वायरल

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
255
| अगस्त 19 , 2017 , 19:45 IST | लद्दाख

15 अगस्त के दिन चीन ने लद्दाख में घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसे भारतीय फौज ने नाकाम कर दिया था। शनिवार को इस घटना का वीडियो सामने आया। पैंगॉन्ग झील के पास दोनों ओर से सैनिक एक-दूसरे से हाथापाई और पत्थरबाजी करते हुए दिख रहे हैं। भारतीय जवान चीनी जवानों को आगे बढ़ने से रोक रहे हैं। वीडियो को नजदीक की पहाड़ी से शूट किया गया है।

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। इस झड़प में जवानों को चोटें आई थीं। इस घटना पर चीन ने कहा था कि दोनों देशों के सैनिकों के बीच कोई झड़प नहीं हुई। बाद में भारत सरकार ने माना था कि कुछ घटनाएं सामने आई हैं। बता दें कि 16 जून से सिक्किम के डोकलाम में भारत-चीन के बीच विवाद चल रहा है। भारत कह चुका है कि बातचीत तभी होगी, जब चीन की सेनाएं वापस जाएं। उधर, चीन ने कहा है कि भारत उसकी सीमा में जबर्दस्ती दाखिल हुआ है। लिहाजा उसकी सेना को पीछे जाना चाहिए। 

 

चीनी फौज़ ने दो जगह घुसपैठ की कोशिश की थी

- 15 अगस्त को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने भारत के दो इलाकों घुसपैठ की कोशिश की थी। दोनों ही बार भारतीय जवानों ने इसे नाकाम कर दिया। भारतीय फौज के रास्ता रोक देने के बाद चीन के सैनिकों ने ह्यूमन चेन बनाई और पथराव किया। भारतीय जवानों ने भी इसका जवाब दिया। इससे दोनों तरफ के जवानों को चोटें आईं। ड्रिल के बाद दोनों देशों की फौजें अपनी-अपनी पोजिशन पर लौट गईं।

चीन ने क्या कहा था?
- 15 अगस्त को हुई घुसपैठ पर बुधवार को चीन का रिएक्शन आया। चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन हु चुनयिंग ने कहा- लद्दाख में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई किसी झड़प की जानकारी नहीं है। हम बॉर्डर पर शांति चाहते हैं। हमारी सेना अपने हिस्से में पेट्रोलिंग करते हैं। हु ने आगे कहा- हमारी मांग है कि भारत एलएसी पार करने से बचे और इस बारे जो समझौते हैं, उनका दोनों देश सम्मान करें।

भारत ने क्या कहा था?
- इंडियन डिफेंस मिनिस्ट्री के सोर्सेज ने कहा, पीएलए के सैनिकों के साथ टकराव की खबर झूठी है। बाद में भारत ने इसकी पुष्टि की थी। विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन रवीश कुमार ने शुक्रवार को बताया था-

मैं पैन्गॉग लेक के पास एक घटना होने की पुष्टि करता हूं। इस पर दोनों देशों के लोकल आर्मी कमांडरों ने बाद में बातचीत की थी। ये घटनाएं किसी भी पक्ष के हित में नहीं हैं। हमें शांति बनाकर रखना चाहिए। हालांकि, उन्होंने इस बात की पुष्टि नहीं की कि घटना में पथराव या आयरन रॉड का इस्तेमाल किया गया था।


कमेंट करें