राजनीति

क्या न्यूज़ीलैंड की संसद में हैं चीनी जासूस? सांसद ने किया ये सनसनीखेज़ ख़ुलासा

शाहनवाज़ ख़ान , ब्लॉगर | 0
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| अक्टूबर 5 , 2017 , 12:59 IST | नई दिल्ली

न्यूज़ीलैंड के संसद के सदस्य जियान यांग ने स्वीकार किया है की न्यूज़ीलैंड आने से पहले वह चीनी जासूसों को अंग्रेजी पढ़ाते थे। यांग न्यूज़ीलैण्ड के नेशनल पार्टी के सदस्य हैं और लगातार तीसरी बार चुनाव जीते हैं। चुनाव से महज़ दस दिन पहले अग्रिम वोटों के दौरान ही यांग की पृष्ठभूमि का खुलासा हुआ था।  

यांग ने स्वीकार किया है की न्यूज़ीलैण्ड आने से पहले, 80 और 90 के दशकों में उन्होंने चीन की सेना द्वारा चलाये जा रहे दो संस्थाओं में पढ़ाई की है और वहाँ पढाया भी है। इसके बाद वह पहले ऑस्ट्रेलिया गए और फिर एक यूनिवर्सिटी में पढ़ाने के लिए न्यूज़ीलैंड आए। यांग ने यह भी माना है की वह चीनी जासूसों को अंग्रेजी पढ़ाते थे मगर इस बात का खंडन किया है की वह खुद भी चीनी जासूस रहे हैं। यांग का कहना है की उन्हें एक गैर सैन्य अधिकारी के रूप में कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था और अब चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से अब उनका कोई नाता नहीं है।

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यांग ने कहा है की उन्होंने न्यूज़ीलैण्ड के नागरिकता के आवेदन में चीनी सैनिक संस्थानों का खुलासा ना करके सहभागी संस्थान लिखा था क्योंकि चीनी सिस्टम नें उन्हें ऐसा करने को कहा था।

गौरतलब है की अमरीका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के साथ न्यूज़ीलैंड भी ‘फाइव आईज़’ ख़ुफ़िया जानकारी पार्टनरशिप का एक हिस्सा है। इसलिए इस खुलासे के बड़े परिणाम हो सकते हैं। बता दें की यांग के खिलाफ न्यूज़ीलैंड में आधिकारिक तौर पर कोई जांच नहीं की गई है और ना ही जासूसी के आरोप लगाए गए हैं। न्यूजीलैंड के दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के नेतृत्व ने कहा कि वे इस खुलासे से चिंतित नहीं हैं। आलोचक इसे भी न्यूजीलैंड की राजनीति में चीन के बढ़ते दबदबे का असर मानते हैं।


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