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नीति आयोग की सिफारिश: 2024 से लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ हो

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 30 , 2017 , 14:42 IST | नई दिल्ली

पैसे और समय की बचत को ध्‍यान में रखकर लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ-साथ कराए जाने के पक्ष में आवाज उठती रही हैं। अब नीति आयोग ने साल 2024 से इसी तरह चुनाव कराए जाने का सुझाव दिया है। आयोग ने इस बारे में विस्‍तार से ब्‍योरा पेश करते हुए कहा कि,

इस प्रस्ताव को लागू करने से ज्‍यादा से ज्‍यादा सिर्फ एक बार कुछ विधानसभाओं के कार्यकाल में कुछ कटौती या विस्तार करना पड़ सकता है

नीति आयोग ने चुनाव आयोग को इस पर गौर करने को कहा है।

Niti aayog

साथ ही इसने एकमुश्त चुनावों का रोडमैप तैयार करने के लिए संबंधित पक्षों का एक टास्‍क फोर्स बनाने का भी सुझाव दिया। इस बारे में 6 माह के भीतर रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाना है। इसका अंतिम खाका अगले साल मार्च तक तैयार होगा।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कर चुके हैं सिफारिश

इस मसौदा रिपोर्ट को 23 अप्रैल को नीति आयोग के गवर्निंग काउंसिल के सदस्यों को दिया गया था। इन सदस्यों में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और अन्य पक्ष शामिल हैं।

Pranav 2

यह सिफारिश इस लिहाज से अहम है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एकसाथ करवाने की वकालत कर चुके हैं।
नीति आयोग की मसौदा रिपोर्ट कहती है कि,

भारत में सभी चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और साथ-साथ होने चाहिए, ताकि प्रचार की वजह से शासन-व्यवस्था में आने वाली बाधाओं को कम से कम किया जा सके। हम साल 2024 के चुनाव से इस दिशा में काम शुरू कर सकते हैं

इस मसले पर राजनीति होना तय

इस साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने भाषण में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव को एकसाथ करवाने की वकालत की थी।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी में एकमुश्त चुनाव करवाने की वकालत करते हुए कहा था कि,

एकसाथ चुनाव से सभी को कुछ नुकसान होगा। हमें भी नुकसान होगा। एक पार्टी या सरकार इसे नहीं कर सकती। हमें मिलकर एक रास्ता तलाशना होगा

प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की थी कि वे इस विचार को राजनीति के चश्मे से न देखें। इसके बावजूद, इस अहम मसले पर सियासत गरमाना तय माना जा रहा है।


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