राजनीति

एक दूसरे के बिना नहीं रह सकते शिवसेना और बीजेपी: नितिन गडकरी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 30 , 2018 , 13:19 IST

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बीजेपी और शिवसेना को एक दूसरे की जरुरत बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शिवसेना के बीच गठबंधन जारी रखने की पैरवी की। नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि बीजेपी और शिवसेना में कुछ मतभेद हो सकते हैं लेकिन दोनों का एक-दूसरे के बिना काम नहीं चल सकता। हालांकि वह चाहते हैं कि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन चलता रहे। गडकरी ने दो टूक कहा कि बीजेपी और शिवसेना एक-दूसरे के बगैर नहीं रह सकते।

पालघर लोकसभा उपचुनाव को लेकर दोनों पार्टियों के सम्बंधों में आई खटास के बीच गडकरी ने कहा कि गठबंधन में कोई वैचारिक मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीति में कोई स्थाई मित्र या शत्रु नहीं होता है।

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मोदी सरकार के चार साल पूरा होने के मौके पर मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘यह गठबंधन दिवंगत बाल ठाकरे (शिवसेना प्रमुख) और प्रमोद महाजन (बीजेपी के दिवंगत नेता) ने हिंदुत्व के मुद्दे पर किया था और दोनों पार्टियों के बीच कोई वैचारिक मतभेद नहीं हैं। मैं चाहता हूं कि गठबंधन चलता रहे।’

एक-दूसरे के बगैर नहीं रह सकते बीजेपी और शिवसेना-:

केंद्रीय मंत्री ने एक मराठी कहावत का उल्लेख करते हुए कहा, ‘तुझा माझा जमे ना, तुझा वचुन कर्मे ना (हमारे बीच काफी मतभेद है, लेकिन इसके बावजूद हम एक-दूसरे के बगैर नहीं रह सकते)।’ उन्होंने कहा कि गठबंधन के दोनों घटक दलों की भी स्थिति उसी तरह है। दोनों दलों के बीच मध्यस्थता करने के सवाल पर गडकरी ने कहा कि वह दिल्ली में अपने मंत्रालय संबंधी काम में काफी व्यस्त हैं और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष रावसाहब दाणवे स्थिति से निपटने में सक्षम हैं।

आरएसएस राष्ट्रवादियों का संगठन है पाकिस्तान का ISI नहीं -:

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के नागपुर में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के आरएसएस के न्योते को स्वीकार करने पर विपक्ष की ओर से की जा रही आलोचना पर उन्होंने कहा, ‘आरएसएस पाकिस्तान का आईएसआई नहीं है। आरएसएस राष्ट्रवादियों का संगठन है।’ उन्होंने कहा, ‘मुखर्जी का न्योता स्वीकार करना अच्छी शुरुआत है। राजनैतिक छुआछूत सही नहीं है।’

घटेगी पेट्रोल और डीजल की कीमत -:

गडकरी ने कहा कि मोदी सरकार के 48 महीने के कार्यकाल के दौरान ‘नेहरू-गांधी परिवार के 48 साल के कार्यकाल’ की तुलना में काफी काम हुआ है। उन्होंने कहा, ‘हम नहीं कहते कि हमने सारे वादे पूरे कर दिए। लेकिन काम प्रगति पर है। कृषि क्षेत्र में काफी कुछ किए जाने की आवश्यकता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें घटेंगी।’

लोगों की धारणा पर निर्भर करती है अच्छे दिन की परिभाषा -:

बीजेपी के 2014 के ‘अच्छे दिन’ के नारे और मौजूदा टैगलाइन ‘साफ नीयत सही विकास’ के बारे में पूछे जाने पर गडकरी ने कहा, ‘कोई भी 100 फीसदी संतुष्ट नहीं होता। अच्छे दिन लोगों की धारणा पर निर्भर करता है।’ मतपत्रों से चुनाव कराए जाने की विपक्ष की मांग पर उन्होंने कहा कि ईवीएम और वीवीपीएटी मशीन में गड़बड़ी गंभीर बात है और चुनाव आयोग को इससे निपटना चाहिए।

कांग्रेस जीते तो ठीक है EVM-:

बीजेपी नेता ने कहा, ‘अगर कांग्रेस पंजाब में चुनाव जीतती है और कर्नाटक में सरकार बनाती है तो ईवीएम सही है और अगर हम जीतते हैं तो ईवीएम में समस्या है। यह अपरिपक्वता है।’ उन्होंने कहा, ‘निर्वाचन आयोग चुनाव कराने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष निकाय है। ईवीएम की जगह मतपत्र से चुनाव कराए जाने के बारे फैसला चुनाव आयोग को करना है।’ अलग विदर्भ राज्य के बीजेपी के वादे के बारे में उन्होंने कहा कि पार्टी छोटे राज्यों के पक्ष में है।


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