नेशनल

मुलाकात हुई क्या बात हुई? आखिर क्यों दिल्ली में मिले नीतीश और राहुल...

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
243
| जुलाई 22 , 2017 , 18:42 IST | नई दिल्ली

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को दिल्ली में हैं जहां उन्‍होंने कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। राहुल गांधी के साथ नीतीश की ये बैठक 35 मिनट तक चली। इस दौरान कांग्रेस नेता सीपी जोशी भी मौजूद थे। बिहार में महागठबंधन की सरकार में कांग्रेस भी एक सहयोगी है।

खबरों के मुताबिक बताया जा रहा है की इस दौरान दोनों नेताओं के बीच तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर बातचीत भी हुई। इस मुलाकात के बाद ये चर्चा तेज हो गई है कि क्या राहुल गांधी तेजस्वी को इस्तीफे के लिए मना पाएंगे ?

बिहार में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर महागठबंधन में चल रही खींचतान के बीच सीएम नीतीश कुमार दिल्ली में राहुल गांधी से मिले। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच महागठबंधन पर आए संकट को लेकर बातचीत हुई। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद नीतीश ने साढे चार बजे शाम में नव निर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और उन्हें राष्ट्रपति चुने जाने की बधाई दी।

दरअसल शनिवार को दिल्‍ली के हैदराबाद हाउस में राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी की विदाई के उपलक्ष्‍य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित डिनर में बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को भी आमंत्रित किया गया था। उसी में हिस्‍सा लेने के लिए नीतीश कुमार दिल्‍ली आए हैं। नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम मोदी के मंत्री और एनडीए के सहयोगी दलों के नेता भी इस डिनर में मौजूद रहेंगे।

रामनाथ कोविंद के शपथ समारोह में शामिल होंगे

गौरतलब है कि सीएम नीतीश कुमार अपनी चार दिवसीय यात्रा पर दिल्ली में हैं ।इसके साथ ही नीतीश 25 जुलाई को नव निर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के शपथ ग्रहण में भी शामिल होंगे। रामनाथ कोबिंद ने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए नीतीश को न्यौता दिया है।

बता दें कि बिहार में चल रहे सियासी घमासान में जेडीयू और राजद के बीच तनाव को कम करने के लिए कांग्रेस मध्यस्थता की भूमिका में हैं। हालांकि नीतीश कुमार तेजस्वी के इस्तीफे को लेकर झुकते नहीं दिख रहे हैं। उनकी चुप्पी के पीछे का सच यही है कि वो भ्रष्टाचार से समझौता करने के मूड में नहीं है और ना ही वो तेजस्वी यादव पर नरमी बरतने को लेकर कुछ सोच रहे हैं।

बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष से अलग हटकर सीएम नीतीश ने एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने की बात कही थी। जिसे लेकर आरजेडी ने एतराज जताया था। उस वक्त जेडीयू और आरजेडी में दूरी की जो लकीर खींच गयी थी, वो सीबीआई रेड के बाद ज्यादा ही गहरी हो गयी।

होटल लीज मामले में फंसे लालू एंड फैमिली को लेकर महागठबंधन में दरार पड़ चुकी है। जमीन घोटाले में फंसे तेजस्वी यादव का जेडीयू इस्तीफा मांग रहा है, वहीं लालू ने कहा है कि तेजस्वी इस्तीफा नहीं देंगे। इस घमासान के बीच नीतीश कुमार का दिल्ली दौरा अहम माना जा रहा है, देखना होगा कि वहां क्या नए राजनीतिक समीकरण तय होते हैं।


कमेंट करें