नेशनल

साधु-संतों समेत 475 VIP की सुरक्षा घटाएगी मोदी सरकार, देखें लिस्ट

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
410
| सितंबर 16 , 2017 , 16:32 IST | नई दिल्ली

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार वीआईपी लोगों को स्पेशल सिक्योरिटी देने में यूपीए सरकार से आगे निकल गई है। 2014 में जब नरेंद्र मोदी की सरकार सत्ता में आई तो वीआईपी कल्चर खत्म करने की बड़ी बड़ी बातें हुई, विशिष्ट लोगों की सुरक्षा और उसपर होने वाले खर्चे का मुद्दा भी उठा। अब वहीं एक उच्च स्तरीय समिति की समीक्षा के बाद देश में नेताओं और वीआईपीज को मिलने वाली सुरक्षा का दायरा बढ़ाया गया है। हालांकि, मंत्रालय के अधिकारी कहते हैं कि सरकार जल्द ही इस लिस्ट की समीक्षा करेगी और वीआईपी सुरक्षा पा रहे लोगों की संख्या में कमी करेगी। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक ऐसे नेताओं की सुरक्षा समीक्षा के बाद एनएसजी कमांडो की सेवा इनकी सुरक्षा से वापस ली जा सकती है।

पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह सरकार में कुल 350 लोगों को स्पेशल सिक्योरिटी (जेड प्लस, जेड, वाई और एक्स कैटगरी) मिल रही थी जो बढ़कर नरेंद्र मोदी की सरकार में 475 हो गई है। भाजपा के शासनकाल में सरकार ने कई साधु-संतों को भी विशेष सुरक्षा मुहैया कराई है। इनमें योगगुरू बाबा रामदेव, माता अमृतानंदमयी, रामजन्म भूमि श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, विवादित सांसद साक्षी महाराज भी शामिल हैं। इनके अलावा गृह मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह जो पहली बार यूपी के विधायक बने हैं, उन्हें भी विशेष सुरक्षा दी गई है।

अभी 55 नेताओं और वीआईपी को ज़ेड प्लस सुरक्षा मिली है जो यूपीए सरकार के दौरान केवल 20 लोगों को मिली थी। जेड प्‍लस सुरक्षा में 35 - 40 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं। अभी 60 लोगों को जेड कैटेगरी की सुरक्षा मिली है जो यूपीए के दौर में 26 लोगों को मिली थी। जेड कैटेगरी में करीब 30 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं। वहीं वाई प्लस सुरक्षा 145 लोगों को मिली है। इसमें करीब 11 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं।

एक्स कैटेगरी की सुरक्षा अभी 68 लोगों को मिली है जिसमें 2 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं। अभी केंद्र सरकार से 299 लोगों को सुरक्षा दी गई है जबकि यूपीए सरकार के समय केंद्र के 250 लोग शामिल थे।

अभी देश में 15 हस्तियों को एनएसजी सुरक्षा मिली है उनमें केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, लालकृष्ण आडवाणी, उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव, मायावती, एम करुणानिधि, असम के मुख्‍यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, फारूक़ अब्दुल्ला और छत्तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री रमन सिंह शामिल हैं।


कमेंट करें