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नॉर्थ कोरिया ने जापान को निशाना बनाकर दागी ICBM, दुनियाभर में हड़कंप

कुलदीप सिंह, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 29 , 2017 , 11:33 IST | प्योंगयोंग

तमाम चेतावनियों का दरकिनार कर उत्तर कोरिया ने शुक्रवार देर रात फिर जापान के समुद्र में आईसीबीएम यानी इंटर कॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल गिराई। उत्तर कोरिया ने एक महीने के भीतर दूसरा बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण करके पूरी दुनिया को चौंका दिया है।
जापान के पीएम शिंजो आबे ने इसे देश की सुरक्षा को खतरा मानते हुए आपात बैठक बुलाई। जापान के पीएम आबे ने कहा, आईसीबीएम स्तर की मिसाइल दागने से साफ है कि हमारे देश को खतरा वास्तविक व गंभीर है।

उत्तर कोरिया की मिसाइल की जद में है अमेरिका

इस परीक्षण के साथ ही उत्तर कोरिया अब अमेरिका को मिसाइल हमले की जद में लाने के करीब पहुंच चुका है। इस परीक्षण के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ गया है। यह मिसाइल परीक्षण ऐसे वक्त में किया गया है जब एक दिन पहले ही अमेरिकी कांग्रेस ने रूस, ईरान और उत्तर कोरिया पर नए और सख्त प्रतिबंधों को लगाए जाने के पक्ष में वोट दिया है।

चीन के विदेश मंत्रालय ने उत्तर कोरिया द्वारा अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल (ICBM) का परीक्षण किए जाने की कड़ी निंदा की है।

अमेरिका को दी चेतावनी

नॉर्थ कोरिया का कहना है कि इस मिसाइल परीक्षण को अमेरिका के लिए कड़ी चेतावनी के तौर पर देखा जाना चाहिए। अमेरिका पिछले लंबे समय से चीन को उत्तर कोरिया पर दबाव बनाकर उसका परमाणु व मिसाइल कार्यक्रम बंद करवाने के लिए मना रहा है।

एक माह में दूसरा परीक्षण

संयुक्त राष्ट्र की पाबंदी के बाद भी उ. कोरिया ने एक माह में दूसरा परीक्षण कर दुनिया को चुनौती दी है। एक दिन पहले ही अमेरिकी कांग्रेस ने रूस, ईरान व उ. कोरिया पर ताजा प्रतिबंध लगाए हैं। मिसाइल उत्तरी कोरिया के जेनगांग प्रांत से स्थानीय समयानुसार रात 11.41 बजे दागी गई।

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अमेरिकी रक्षा विभाग ने की पुष्टि

अमेरिकी रक्षा विभाग ने इसकी पुष्टि की है। पेंटागन के प्रवक्ता कैप्टन जैफ डेविस ने कहा कि यह मिसाइल करीब 1 हजार किमी की दूरी तय कर जापान के समुद्र में गिरी। यह इस साल का 12 वां व आईसीबीएम मिसाइल का दूसरा परीक्षण है। उन्होंने कहा, 'हमारा आंकलन है कि मिसाइल एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल थी जिसका पहले से अंदाजा था।

अमेरिका को कोई खतरा नहीं: डेविस

कैप्टन डेविस ने यह मानने से इनकार किया कि अमेरिका अब उत्तर कोरिया के मिसाइल हमले की जद में आ सकता है। उन्होंने कहा कि नॉर्थ कोरिया की मिसाइल से अमेरिका को कोई खतरा नहीं है। डेविस ने जोर देकर कहा कि अमेरिका खुद की और दक्षिण कोरिया व जापान जैसे अपने सहयोगियों की किसी भी तरह के हमले से रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

लॉस ऐंजिलिस समेत कई दूसरे शहर भी आ सकते हैं चपेट में

दक्षिण कोरियाई न्यूज एजेंसी यॉन्हप के मुताबिक इस मिसाइल की मारक क्षमता इतनी है कि अमेरिका को भी निशाना बनाया जा सकता है। यॉन्हप ने विशेषज्ञों के हवाले से बताया है कि उत्तर कोरिया के मिसाइलों की जद में अमेरिका के लॉस ऐंजिलिस समेत कई दूसरे शहर भी आ सकते हैं। इससे पहले भी उत्तर कोरिया ने 4 जुलाई को पहले अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था।

45 मिनट उड़ी मिसाइल

आबे सरकार के मुख्य मंत्रिमंडलीय सचिव योशिहाइड सुगा ने कहा कि मिसाइल करीब 45 मिनट उड़ी। जापान की प्रसारण एजेंसी एनएचके के अनुसार मिसाइल 3000 किमी से ज्यादा की ऊंचाई तक पहुंचने के बाद निशाने पर पहुंची। यह इस माह के आरंभ में दागी गई मिसाइल से ज्यादा शक्तिशाली थी, जिसे अमेरिका व दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने अमेरिका तक मार करने में सक्षम बताया था। 4 जुलाई को उत्तर कोरिया द्वारा दागी गई मिसाइल 933 किमी दूर तक गई और 2802 किमी की ऊंचाई तक गई थी। वह बड़े व भारी परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम थी।


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