इंटरनेशनल

सीरिया के बाद नॉर्थ कोरिया पर हमला करेगा अमेरिका? कोरियाई द्वीप की ओर भेजा युद्धपोत

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
237
| अप्रैल 9 , 2017 , 13:16 IST | वाशिंगटन

सीरिया के बाद अब अमेरिका नॉर्थ कोरिया को भी निशाना बना सकता है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सीरिया पर किए गए मिसाइल हमले के बाद विश्लेषक यह अनुमान लगा ही रहे थे कि इस बीच अमेरिका ने नॉर्थ कोरिया की परमाणु महत्वाकांक्षाओं के खिलाफ जवाबी कार्रवाई को आग बढ़ाते हुए अमेरिकी नौसैन्य वाहक मारक समूह को कोरियाई प्रायद्वीप की ओर रवाना कर दिया है।

 

Warship 3

अमेरिकी प्रशांत कमान के प्रवक्ता कमांडर डी बेनहाम ने बताया कि अमेरिकी प्रशांत कमान ने ऐहतिहातन कदम उठाते हुए कार्ल विनसन मारक समूह उत्तर को आदेश दिए कि वह पश्चिमी प्रशांत में अपनी तैयारी और मौजूदगी बनाकर रखें।

उन्होंने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि,

अपने मिसाइल परीक्षणों के धृष्ट, लापरवाह और अस्थिरताकारी कार्यक्रमों और परमाणु हथियारों की क्षमता हासिल करने के पीछे पडे होने के कारण उत्तर कोरिया क्षेत्र में सबसे पहला खतरा बना हुआ है

अमेरिका द्वारा भेजे गए इस मारक समूह में निमित्ज श्रेणी का विमान वाहक यूएसएस कार्ल विनसन, एक कैरियर एयर विंग, दो लक्षित मिसाइल विध्वंसक और एक लक्षित मिसाइल क्रूजर शामिल हैं।

Warship 4

इस समूह को असल में ऑस्ट्रेलिया जाना था लेकिन वह इसके बजाय सिंगापुर से पश्चिमी प्रशांत महासागर में चला गया। उत्तर कोरिया पांच परमाणु परीक्षण कर चुका है। इनमें से दो परीक्षण पिछले साल हुए थे।

Warship 6

उपग्रहों से प्राप्त विशिष्ट तस्वीरों का विश्लेषण कहता है कि उत्तर कोरिया संभवत: छठे परमाणु परीक्षण की तैयारी कर रहा है।

Nk 1

नॉर्थ कोरिया ने बार-बार कहा है, 'अमेरिका से नहीं डरते हैं हम'

उत्तरी कोरिया लगातार अमेरिका और दक्षिणी कोरिया को निशाना बनाने के अपने इरादों के बारे में लगातार बोलता रहा है। अमेरिका और UN ने उसपर कई आर्थिक प्रतिबंध भी लगाए, लेकिन इसके बावजूद किम जोंग की ओर से नर्मी बरतने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। उत्तरी कोरिया भले ही यह कहता रहा हो कि उसे अमेरिका की चेतावनियों से डर नहीं लगता, लेकिन स्वाभाविक है कि वह भी अपने भविष्य को लेकर सशंकित होगा।

Chemical weapon

नॉर्थ कोरिया के पास जानलेवा रसायनिक हथियारों का भंडार

दुनिया के उत्तरी कोरिया के अंदरूनी हालातों के बारे में बहुत कम जानकारी है। बेहद कमजोर आर्थिक स्थिति वाले इस देश में वंशागत तानाशाही व्यवस्था है। यहां के शासन का सबसे बड़ा एजेंडा अपने पड़ोसी दक्षिणी कोरिया के खिलाफ दुष्प्रचार करना और अमेरिका की आलोचना करना है। किम जोंग अपने देश की गरीबी के लिए भी इन्हीं दोनों देशों को जिम्मेदार ठहराते हैं।

आशंका तो यह भी है कि बेहद रहस्य बनाकर चलने वाले इस देश के पास घातक रासायनिक हथियारों का भंडार है। हाल ही में तानाशाह किम जोंग उन के सौतेले भाई किम जोंग नाम की मलेशिया हवाई अड्डे पर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में जानलेवा और प्रतिबंधित नर्व एजेंट का इस्तेमाल हुआ था। माना जा रहा है कि इस हत्या के पीछे तानाशाह किम जोंग का ही हाथ है।

Kin jong un