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ट्रंप को मनाने किम-जोंग-उन ने अमेरिका भेजा अपना सबसे करीबी अफसर

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 29 , 2018 , 19:24 IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम-जोंग-उन के बीच वार्ता के लिए लगातार कोशिशें जारी हैं। हालांकि ट्रंप प्रेस कांफ्रेंस करके सार्वजनिक रुप से वार्ता कैंसिल कर चुके हैं लेकिन उत्तर कोरिया अभी भी चाहता है कि दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच बातचीत किसी भी सूरत में 12 जून को हो जाए। अमेरिकी अधिकारियों को विश्वास में लेने और वार्ता सफल बनाने के लिए उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष अधिकारी और अपने करीबी किम योंग चोल को अमेरिका भेजा है।

 

साउथ कोरिया न्यूज एजेंसी योनहैप के मुताबिक किम योंग चोल अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो से 12 जून को होने वाली ट्रम्प और किम जोंग की मुलाकात पर बात करेंगे। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। बता दें कि 18 साल पहले वर्ष 2000 में उत्तर कोरिया के एक अधिकारी ने अमेरिका का दौरा किया था, तब दोनों देशों के बीच दोस्ती की कोशिश नाकाम हो गई थी।

 

कौन है किम योंग चोल? 

72 साल के किम योंग-चोल उन चुनिंदा लोगों में हैं, जो उत्तर कोरिया की विदेश नीति में अहम किरदार निभाते हैं। हाल ही में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन के साथ किम जोंग की दो मुलाकातों में वे भी शामिल थे। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को साथ मुलाकात में भी वे किम जोंग के साथ ही थे। इसी साल दक्षिण कोरिया में आयोजित विंटर ओलिम्पिक्स के समापन समारोह में उन्होंने उत्तर कोरिया की तरफ से हिस्सा लिया था। इसी दौरान दोनों देशों में करीबी दुनिया के सामने आई थी। 2016 में उत्तर कोरिया की विदेश नीति संभालने से पहले किम योंग देश के उच्च सैन्य अधिकारी और इंटेलिजेंस चीफ रह चुके थे। माना जाता है कि 2010 में दक्षिण कोरियाई नागरिकों पर जानलेवा हमले में उनका बड़ा हाथ था। इसमें 50 से ज्यादा लोग मारे गए थे। 2014 में सोनी पिक्चर्स पर साइबर हमले के पीछे भी किम योंग का हाथ माना जाता है। सोनी पर ये हमला 2014 की चर्चित फिल्म ‘द इंटरव्यू’ बनाने के लिए किया गया था। इसमें किम जोंग-उन का मजाक उड़ाया गया था।


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