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टूरिस्ट क्या खाएं, क्या पिएं ये तय करना राज्यों का काम नहीं: नीति आयोग CEO

शाहनवाज़ ख़ान , ब्लॉगर | 0
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| अक्टूबर 6 , 2017 , 17:54 IST | नई दिल्ली

शराबबंदी और बीफ पर नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कान्त ने आज कहा कि यह तय करना राज्यों का काम नहीं है कि पर्यटकों को क्या पीना और क्या खाना चाहिये। वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम के इंडिया इकनोमिक समिट को संबोधित करते हुए कान्त ने कहा,

राज्यों को इस मामले में नहीं पड़ना चाहिये कि पर्यटक क्या खाना चाहता है और क्या पीना चाहता है। यह संभव नहीं है। वह क्या खाना या पीना चाहते हैं, यहा उनका निजी मामला है, यह राज्यों का काम नहीं है।

उनसे पूछा गया था कि क्या बीफ और शराब पर प्रतिबंध लगाने वाले राज्य यह नहीं समझ पाए हैं कि दुबई क्यों इतना शानदार प्रदर्शन करता है। जिस देश को भी पर्यटकों की जरूरत है तो वह उन्हें सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा,

कुछ चीजों को मैं लंबे समय से मानता हूं। ऐसा नहीं हो सकता है कि आप कूड़ा कचरा रखें और साथ ही कहें कि हमारे पास काफी ऐतिहासिक पर्यटन स्थल है। ऐसे में भारत को स्वच्छता पर ध्यान देने की जरूरत है। यह निश्चित रूप से पहले नंबर पर होना चाहिए। नंबर दो बिना किसी बाधा के बेहतर अनुभव प्रदान करना है।

गौरतलब है की मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल और दमन ने शराब की बिक्री पर रोक लगाने की योजना बनाई है वहीं गुजरात, बिहार, नगालैंड और मणिपुर में शराब पहले से प्रतिबंधित हैं। गौरतलब है की पिछले महीने केंद्र सरकार में पर्यटन राज्य मंत्री के.जे.अल्फोंस ने विदेशी पर्यटकों को सलाह देते हुए कहा कि वह अपने देश में बीफ खाकर भारत आएं।

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यह पूछे जाने पर क्या उन्होंने राजनीतिक नेतृत्व को अपने इन विचारों से अवगत कराया है, कान्त ने कहा कि मैंने हमेशा कहा है कि पर्यटकों के वास्ते बेहतर अनुभव होना चाहिए।   


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