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स्ट्रीट डॉग्स करेंगे नेत्रहीनों की मदद, डॉक्टर ने दी ट्रेनिंग

कीर्ति सक्सेना, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 22 , 2017 , 19:01 IST | लखनऊ

उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ की निवासी डॉ.विशाखा शुक्ला ने एक नया और चौंका देने वाला अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत नेत्रहीनों को स्ट्रीट डॉग्स की मदद से सड़क पर रोड क्रॉस करवाने से लेकर सही रास्ता दिखने का काम होगा। ये डॉग्स न सिर्फ उन्हें रोड क्रॉस करवाएंगे बल्कि टॉयलेट ले जाने से लेकर उनके कई जरूरी काम निपटाएंगे।

दरअसल, डॉ.विशाखा ने लंदन से एनिमल कम्यूनिकेशन एंड बिहेवरल थिंग्स में एडवांस सर्टिफिकेशन कोर्स किया है। इन दिनों वह छह स्ट्रीट डॉग्स को इसके तहत ट्रेनिंग दे रही हैं। इन डॉग्स को विशाखा ने लगभग डेढ़ साल की ट्रेनिंग दी है। यह सभी डॉग्स रेस्क्यू किए गए हैं।

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नेत्रहीनों को रास्ता दिखाएंगे स्ट्रीट डॉग्स

डॉक्टर विशाखा एक पशु प्रेमी भी हैं जो अपने घर पर ही 'एनिमल केयर सेंटर' चलाती हैं। जिन छह कुत्तों को विशाखा ने ट्रेनिंग दी है उनके नाम-डूड, बेला, पीचिस, मायलो, डॉलर व बूज़ो हैं। इसके अलावा उन्होंने दो नेत्रहीनों से भी संपर्क किया है जिन्हें वह आजकल ट्रेनिंग दे रही हैं। विशाखा का दावा है कि उनकी ट्रेनिंग के बाद स्ट्रीट डॉग्स नेत्रहीनों को रास्ता दिखाएंगे।

 

पुलिस की मदद भी करेंगे स्ट्रीट डॉग्स

विशाखा का दावा है कि जिन छह स्ट्रीट डॉग्स को उन्होंने ट्रेनिंग दी है वे पुलिस की मदद भी कर सकते हैं। आमतौर पर पुलिस स्कॉयड के साथ विदेशी डॉग्स ही होते हैं लेकिन विशाखा ने दावा किया है कि जिन डॉग्स को वे ट्रेनिंग दे रही है वो विदेशी डॉग्स से ज्यादा तेज हैं। विशाखा का दावा तो ये भी है कि एनिमल कम्यूनिकेशन के जरिए खोए हुए डॉग्स को भी ढूंढ़ा जा सकता है।

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विशाखा 'नवाबी टेल्स' नाम की एक संस्था चलाती हैं। इस संस्था के जरिए पालतू व स्ट्रीट डॉग को गोद लेने के लिए कैंप लगाए जाते हैं। इसके अलावा वह मेडिकेयर की सारी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाती हैं। विशाखा के निर्देशन में कई युवा इस संस्था से जुड़े हैं।
विशाखा का कहना है कि,

मैं रात-दिन जानवरों की केयर करती हूं, मुझे उनसे जु़ड़ा कोई भी केस पता चलता है तो रात भर नींद नहीं आती है।

विशाखा का मानना है कि, बैकयार्ड ब्रीडिंग पर रोक लगना बेहद जरूरी है। वह इसके खिलाफ एक मुहिम चलाएंगी। वे चाहती हैं कि राजधानी के स्ट्रीट डॉग्स को कोई तकलीफ न हो।


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