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हाईकोर्ट तय करे दही-हांडी के 'गोविंदा' की उम्र और सुरक्षा मानक: सुप्रीम कोर्ट

icon कुलदीप सिंह | 0
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| अगस्त 1 , 2017 , 16:00 IST | मुंबई

सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट को दही हांडी मामले में 7 अगस्त को सुनवाई करने का निर्देश दिया है। महाराष्ट्र में जन्माष्टमी के दौरान होने वाली दही हांडी प्रतियोगिता में ऊंचाई बढ़ाने का मामला सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा बॉम्बे हाईकोर्ट भेज दिया है। कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट को महाराष्ट्र सरकार के सुरक्षा को लेकर दाखिल हलफनामे के आधार पर नए सिरे से सुनवाई करने को कहा है। 

आपको बता दें कि इससे पहले साल 2014  में बॉम्बे हाई कोर्ट ने दही हांडी की ऊंचाई 20 फीच करने और इसके साथ ही 18 साल से कम के लोगों भी भागीदारी पर रोक लगाने का आदेश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट को कहा की हाईकोर्ट तय करेगा कि 15 अगस्त को होने वाली दही हांडी में गोविंदा की उम्र 18 साल से कम हो सकती है या नहीं, या दही हांडी की ऊंचाई 20 फुट से ज्यादा हो सकती है या नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि बॉम्बे हाईकोर्ट जब इस मामले की सुनवाई करेगा तो सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के पुराने आदेश उसके रास्ते में नहीं आएंगे।

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महाराष्ट्र सरकार का सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामा-

इस हलफनामे में कहा है कि पुलिस कमिश्नर ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

1.सभी दाही हांडी आयोजनों के लिए गद्दों और मेट्रेस की लेयर का इंतजाम हो।

2.हिस्सा लेने वाले गोविंदा का बीमा हो और उन्हें चेस्ट गार्ड हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट मुहैया कराई जाए।

3.सभी हिस्सा लेने वालों का पंजीकरण हो।

4.हर आयोजन स्थल पर नाइलोन की रस्सी का मजबूत जाल तैयार रहे।

5.आयोजन स्थल पर फर्स्ट एड और एंबुलेंस तैयार रहे। जख्मी होने पर गोविंदा को तुरंत मेडिकल सुविधा दी जाए और फौरन अस्पताल भेजा जाए.        

6.गोविंदा के लिए दिए जाने वाले वाहन में किसी तरह की लाठी या हथियार ना हो।

7.शराब पिए व्यक्ति को आयोजन में हिस्सा न लिया जाने दिया जाए।

8.आयोजन के लिए तैयार स्टेज पूरी तरह मजबूत हो और ज्यादा लोगों को स्टेज पर ना चढ़ाया जाए.

9.पानी में किसी तरह के नुकसानदेह कैमिकल न मिलाए जाएं।

10.आयोजन के लिए निगम, पुलिस, फायर और अन्य संबंधित विभागों से पहले अनुमति ली जाए।


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कुलदीप सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में कार्यकारी संपादक हैं

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