विज्ञान/टेक्नोलॉजी

क्या मानव कर सकेंगे सूर्य तक का सफर? Nasa का Solar Probe मिशन लांच

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 8 , 2018 , 18:44 IST

मानव इतिहास का सूर्य की तरफ पहला मिशन शुरू हो चुका है। नासा के पार्कर सोलर प्रोब मिशन की तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस मिशन की लॉन्चिंग 31 जुलाई को होगी। यूएस एयरफोर्स के स्पेसक्राफ्ट ने फ्लोरिडा के लिए उड़ान भरी। जहां इसकी टेस्टिंग की जाएगी।इस यान का नाम मशहूर अमेरिकी खगोलशास्त्री यूजीन पार्कर के नाम पर रखा गया है। 90 साल के पार्कर ने 1958 में पहली बार यह बताया था कि अंतरिक्ष में सौर तूफान भी है। बताया जा रहा है कि यान पहले शुक्र के चक्कर लगाएगा। इसके बाद सूर्य की तरफ बढ़ेगा, इस दौरान वह मंगल की कक्षा में भी प्रवेश करेगा।

अमेरिका की जॉन हॉकिंस अप्लाइड फिजिक्स लैब से इस मिशन के प्रॉजेक्ट मैनेजर ऐंडी ड्राइसमैन ने कहा, 'पार्कर सोलर प्रोब और इसने बनाने के लिए दिन-रात खूब मेहनत करने वाली टीम के सामने अभी बहुत से मील के पत्थर आएंगे।' अगले कुछ महीने स्पेसक्राफ्ट की सघन जांच चलेगी. इंधन भरे जाने से पहले जिसे सबसे मुश्किल चरण माना जाता है, स्पेसक्राफ्ट में थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम (टीपीएस) इंस्टॉल किया जाएगा।

बहुत क्रांतिकारी खोज

टीपीएस बहुत क्रांतिकारी टेक्नोलॉजी मानी जा रही है जिसकी बदौलत स्पेसक्राफ्ट सूर्य की जला देने वाली गर्मी झेल पाएगा।अमेरिका में जॉन हॉपकिन्स अप्लाइड फिजिक्स लेबोरेटरी के एंडी ड्रिसमैन सोलर प्रोब के प्रोजेक्ट मैनेजर हैं। उन्होंने बताया कि पार्कर सोलर प्रोब को कई अहम चरण पार करने हैं। उन्होंने कहा, इस मिशन को पूरा करने में कई लोगों की अदभुत टीम की मेहनत रंग लाएगी।लॉन्च व्हिकल पर स्पेसक्राफ्ट ले जाने से पहले टीपीएस इंस्टॉल करना सबसे अहम काम होगा।

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सूर्य के इतने करीब कभी नहीं गए यान

धरती की कक्षा से या सौर मंडल में अन्य ग्रहों के करीब चक्कर काट रहे दस अंतरिक्ष यान या टेलीस्कोप हैं, जो सूर्य का अध्ययन करते हैं। जैसे डीप स्पेस क्लाइमेट आब्जर्वेट्री, सोलर डॉयनामिक्स, पिकार्ड, सोलर मॉनिटरिंग आब्जर्वेट्री, सोलर टेरेसट्रियल रिलेशन आब्जर्वेट्री आदि। पर इनमें से कोई भी पार्कर सोलर प्रोब की तरह सूर्य के इतने करीब नहीं गया है। इससे पहले जर्मनी का हेलिअस यान सूर्य के 4.30 करोड़ किलोमीटर करीब तक गया था।