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अब कश्मीर में चोटी कटवा का खौफ, लोगों ने चोटी कटवा समझकर ली मुस्लिम बुजुर्ग की जान

अर्चित गुप्ता | 0
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| अक्टूबर 7 , 2017 , 12:29 IST | कश्मीर

कश्मीर घाटी में महिलाओं की चोटी कटने को लेकर बिगड़ते हालात के बीच दक्षिण कश्मीर में एक बुजुर्ग की जान चली गई। एक बुजुर्ग को चोटी-कटवा समझकर पत्थरों से मार मारकर उसकी हत्या कर दी गयी। मृतक शख्स की पहचान अब्दुल सलाम वानी (70) के रूप में की गई है। घटना के वक्त वानी मस्जिद से इशा की नमाज (रात में होने वाली नमाज) पढ़ घर लौट रहे थे। जानकारी के मुताबिक दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग के दांतर गांव में एक युवती की चोटी कटने की अफवाह फैली। इससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया और लोग सड़कों पर उतर आए।

कुछ ही देर में वहां पथराव शुरू हो गया। पथराव कर रही भीड़ ने एक स्थानीय बुजुर्ग अब्दुल सलाम वानी (70) जो कथित तौर पर इशा की नमाज पढ़ आ रहा था, चोटी काटने वाला समझ उस पर ही ईंट और पत्थरों की बौछार कर दी। एक ईंट उसके सिर पर लगी और वह अचेत होकर वहीं पर गिर पड़ा। जब लोग नजदीक पहुंचे, तो पता चला कि वह स्थानीय बुजुर्ग है। अब्दुल सलाम को जिला अस्पताल अनंतनाग से शुक्रवार तड़के शेरे कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान सौरा ले जाया गया, जहां वह कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया।

गौरतलब है कि घाटी में गत दिनों से महिलाओं की चोटी रहस्यमय हालात में कट रही है। इससे पूरी वादी में डर और खौफ का माहौल बना हुआ है। कई जगह लोगों ने बाहरी श्रमिकों को चोटी काटने वाला तत्व समझ पीट दिया है, तो कई जगह अपने प्रेमिका से मिलने जा रहे प्रेमी को प्रेमिका के मोहल्ले वालों ने चोटी काटने वाला समझ बुरी तरह पीटा है। कश्मीर में इस तरह की पिटाई के लगभग एक दर्जन से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।

पुलिस ने बताया कि इससे पहले महिला ड्रेस पहने एक ट्रांसजेंडर को भीड़ ने चोटी-कटवा समझ बहुत पीटा। बाद में पुलिस की मदद से पीड़िता ट्रांसजेंडर को बचाया जा सका। ऐसी ही एक अन्य घटना में शहर के निशत इलाके में भीड़ ने चोटी-कटवा समझकर दो लोगों को बुरी तरह से घायल कर दिया था।

जगह-जगह विरोध प्रदर्शन का प्रयास:

अलगाववादी नेता भी मौके को भुनाने के लिए जगह-जगह विरोध प्रदर्शन करने का प्रयास करते रहे लेकिन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें समय रहते ही रोक लिया।

अलगाववादी लिए गये हिरासत में:

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जहां एक ओर अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारुक को उनके घर में ही बंद कर दिया गया तो दूसरी ओर दूसरे बड़े अलगाववादी नेता यासीन मलिक को हिरासत में ले लिया गया।

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कश्मीर के कई इलाकों में मोबाइल और इंटरनेट सेवा बंद:

किसी भी तरह की कोई अफवाह किसी बड़ी घटना की वजह ना बन जाए इसलिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पहले से ही अगली सूचना तक के लिए श्रीनगर और बडगाम जिलों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।

सूचना देने वाले के लिए इनाम की भी घोषणा:

चोटी काटने वाले की सूचना देने वाले को इनाम देने की भी घोषणा की गई है। सूचना देने वाले को पहले 10 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की गई थी जिसे अब बढ़ाकर 20 लाख कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने दिया जांच का भरोसा, शांति की अपील की:

जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्य में स्थिति ना बिगड़े इसके लिए तुरंत ही लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की और साथ ही भरोसा भी जताया कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा भी जाएगा। मुख्यमंत्री ने अलगाववादियों से शांति-व्यवस्था को बनाए रखने की अपील की।


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