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J&k: बांदीपुरा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में 2 आतंकी ढेर, 1 जवान शहीद

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 14 , 2018 , 09:34 IST

जम्मू-कश्मीर में सेना के तमाम आपरेशन के बाद भी आतंकियों के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आज यानि गुरुवार की सुबह घाटी के बांदीपुरा के पनर में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में दो आतंकियों को ढेर कर दिया। इस मुठभेड़ में आर्मी का एक जवान भी शहीद हो गया है। बता दें कि पनार के जंगलों में सेना पिछले छह दिनों से सर्च ऑपरेशन चला रही है।

उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में पिछले छह दिनों में कई बार सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो चुकी है। एएनआई के मुताबिक गुरुवार तड़के हुई मुठभेड़ में सेना ने दो आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि की है। इस मुठभेड़ में भारतीय सेना का एक जवान भी शहीद हो गया है।

आपको बता दें कि सेना को शनिवार देर शाम बांदीपोरा के पनार इलाके के जंगलों में कुछ आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। इस सूचना के बाद सेना की 14 राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने पनार के जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इस कार्रवाई के दौरान आतंकियों ने सेना के जवानों पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, जिसके बाद तत्काल एसओजी और सीआरपीएफ के जवानों को मौके पर बुलाकर जंगलों की घेराबंदी की गई। इसके बाद सेना ने पनार इलाके के जंगलों में गहन तलाशी अभियान शुरू किया गया है।

गौरतलब है कि कश्मीर घाटी में बीते दिनों सुरक्षाबलों पर कई बार आतंकी हमले किए गए हैं। इसके अलावा केंद्र द्वारा रमजान में सीजफायर का ऐलान के बाद से कश्मीर घाटी के कई इलाकों में हथियार लूट की घटनाएं भी हो चुकी हैं।

तेज हुईं हैं आतंकियों की भर्तीयां-:

साल 2010 की गर्मियों से अब तक कश्मीर और चिनाब घाटी के 354 गांवों से 476 से ज्यादा आतंकी निकले हैं। इनमें से 335 सिर्फ दक्ष‍िण कश्मीर के 247 गांवों से हैं। हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी की आठ जुलाई, 2016 को सुरक्षा बलों द्वारा ढेर किए जाने के बाद आतंकियों की भर्ती में तेजी आई है।

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एक रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू के चिनाब घाटी के डोडा, किश्तवाड़, रियासी और रमबान के अलावा कश्मीर के हर जिले में स्थानीय युवाओं की आतंकी संगठनों में भर्ती की गई है। इनमें सबसे शीर्ष पर दक्षिण कश्मीर का सोपियां जिला है, जहां साल 2010 से अब तक 70 गांवों में 95 स्थानीय युवा आतंकी बन गए हैं। सबसे ज्यादा सात युवा आतंकी इस जिले के हेफ जैनपोरा गांव से निकले हैं।


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