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गाजा के लोगों ने 30 साल बाद सिनेमाघर में देखी पहली फिल्म

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 28 , 2017 , 16:15 IST | यरुशलम

शनिवार को गाजा के लोगों ने लगभग 30 साल बाद पहली बार सिनेमा हॉल में जाकर कोई फिल्म देखी।इन तीस साल में पूरे शहर के किसी सिनेमाघर में कोई फ़िल्म नहीं दिखाई गई थी। लगभग 300 लोग फ़िल्म देखने पहुंचे।

यह फिल्म शहर के सबसे पुराने सैमिर सिनेमा में दिखाई गयी यह हॉल कई सालों से बंद पड़ा है सिनेमाघर में एयर कंडीशनर भी नहीं था। फिर भी लोग हाथ से पंखा करते हुए वहां बैठे रहे। दिखयी गयी फिल्म का नाम ’10 years’ है ये फ़िल्म इज़रायल के जेलों में बंद फ़िलिस्तीनियोें के बारे में है। ज़्यादा राजनीति में न जाते हुए ये कहानी ह्यूमन इंटरेस्ट की है।

हमास, फ़िलिस्तीनी सुन्नी मुसलमानों का एक गुट है। जिन्होंने 10 साल तक गाज़ा पर शासन किया। हमास का गठन 1987 में मिस्र और फ़िलिस्तीन के मुसलमानों ने मिलकर किया था। इसका एजेंडा इज़रायली प्रशासन की जगह इस्लामिक शासन की स्थापना करना था। फ़िलहाल फ़िलिस्तीन में 20 लाख लोग इज़रायल की नाकाबंदी में बड़ी तंग हालत में रह रहे हैं। इनके रहते यहां कोई सिनेमाघर नहीं चलता।

स्क्रीनिंग ऑर्गनाइजर घदा सालमी ने कहा, 'एक रात के लिए फिल्म दिखाना गाजा में सिनेमा की वापसी को लेकर हो रही भरसक कोशिशों का संकेत है।' दर्शकों में से एक जवदत का कहना था, 'हमें मनुष्यों की तरह जीने की जरूरत है, सिनेमा, सार्वजिनक स्थानों और पार्कों के साथ।'

सैमिर सिनेमा सन् 1944 में बनाया गया था लेकिन 1960 के दशक में इसे बंद कर दिया गया था। इस शहर के बाकी सिनेमाघर भी 1980 के दशक के खत्म होते-होते बंद कर दिए गए थे। साल 1995 में सिनेमाघरों को दोबारा खोलने की कोशिश की गई लेकिन इसके बदले कट्टरपंथियों ने सिनेमाघरों पर ग्रेनेड से हमले शुरू कर दिए।

गाजा में फिलहाल हमास समूह की वजह से लोग संकीर्णवादी विचारधारा का पालन करने को मजबूर हैं। सिनेमाघरों के न होने की वजह से कई बार यहां फिल्में निजी स्तर पर किराए पर हॉल लेकर दिखाई जाती हैं।

स्क्रीनिंग में इस फिल्म के ऐक्टर्स को भी बुलाया गया था। फिल्म अभिनेता नर्मिल जियारा ने बताया कि उन्हें खुशी है कि सिनेमा दोबारा खुला है। उन्होंने कहा कि समाज को फिल्म और डॉक्युमेंट्रियों के जरिए विकसित करने की जरूरत है।


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