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कैशलेस ट्रांजेक्शन लोगों को रास नहीं आ रहा? नोटबंदी के बाद हुई मामूली बढ़ोतरी

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| जुलाई 16 , 2017 , 19:51 IST | नई दिल्ली

मोदी सरकार द्वारा देश में नोटबंदी लागू करने के बाद कैशलेस इकॉनमी को बढ़ावा दिया गया था। लेकिन इस बीच हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए हैं, जिसके अनुसार नवंबर 2016 से मई 2017 यानि 6 महीने के दौरान कार्ड के जरिए लेन-देन में सिर्फ 7 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकी है।

इस दौरान कार्ड के जरिए लगभग 68 लाख ट्रांजेक्शन दर्ज किए गए जो मई तक बढ़कर सिर्फ 73 लाख तक ही पहुंच पाए हैं। सरकारी अधिकारी की ओर से संसदीय कमेटी को दी गई प्रेजेंटेशन में बताया गया है कि बीते वर्ष नवंबर के दौरान देश में कुल 2.24 करोड़ डिजिटल लेनेदेन हुए थे। यह मई 2017 में बढ़कर 2.75 करोड़ तक पहुंच गए हैं।

डिजिटल ट्रांजेक्शन में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी युनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए ट्रांजेक्शन में दर्ज की गई है। छह महीनो में यूपीआई के जरिए डिजिटल ट्रांजेक्शन करीब 30 गुना बढ़ा है। नवंबर 2016 में यूपीआई के जरिए रोजाना केवल दस लाख लेनदेन हो रहे थे। यह मई 2017 में बढ़कर चीन करोड़ के स्तर पर पहुंच गए हैं।

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वहीं, दूसरी ओर इस दौरान इमिडिएट पेमेंट सिस्टम (आईएमपीएस) के जरिए हुए ट्रांजेक्शन में भी करीब दोगुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नवंबर 2016 में आईएमपीएस के जरिए 12 लाख लेनदेन होते थे। यह मई, 2017 में बढ़कर 22 लाख तक पहुंच गए हैं।

 


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं

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