बिज़नेस

मोदी सरकार को बड़ा झटका, 2016 के मुकाबले 2017 में नीचे आया स्‍टार्टअप का ग्राफ

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
170
| अक्टूबर 3 , 2017 , 15:34 IST | नई दिल्ली

जहां एक ओर मोदी सरकार डिजिटल इंडिया की बात कर रही है वहीं मोदी सरकार को एक बड़ा झटका लगा है। साल 2016 में जहां 6 हजार से ज्‍यादा नए स्‍टार्टअप्‍स शुरू हुए थे वहीं 2017 में यह ग्राफ बढ़ने के बजाय नीचे आ गया है। 2017 में अब तक केवल 800 नए स्‍टार्टअप्‍स ही लॉन्‍च हुए हैं।स्‍टार्टअप ट्रैकर Tracxn के डाटा के मुताबि‍क, लगातार दो साल से नए स्‍टार्टअप्‍स की संख्‍या गि‍रती जा रही है।

बढ़ते हुए इंडि‍यन स्‍टार्टअप ईकोसि‍स्‍टम के लि‍ए नए स्‍टार्टअप्‍स में गि‍रावट आना एक चिंता का विषय है। साल 2014 और 2015 एक तरह से बेहतरीन वर्ष रहे जहां इन्‍वेस्‍टर्स ने इस वि‍श्‍वास के साथ इंटरनेट स्‍टार्टअप्‍स में पैसा लगाया कि‍ भारतीय इंटरनेट मार्केट कम समय में सोने की खान बन सकती है।

लेकि‍न 2016 की शुरुआत से ही ई-कॉमर्स मार्केट का वि‍स्‍तार एक तरह से रूक सा गया। इसके बाद से ज्‍यादातर ई-कॉमर्स कंपनि‍यां जो ग्रोथ के लि‍ए हैवी डि‍स्‍काउंट और एडवर्टाइजिंग पर नि‍र्भर थी वह मार्केट में बने रहने के लि‍ए सही बि‍जनेस मॉडल्‍स को तलाशने के लि‍ए संघर्ष करने लगीं। RedSeer मैनेजमेंट कंसलटेंसी के मुताबि‍क, बीते साल, ई-कॉमर्स मार्केट में 15 फीसदी से कम ग्रोथ हासि‍ल की है। यह मार्केट 14 अरब डॉलर से 15 अरब डॉलर पर पहुंची है।

Tracxn के डाटा के मुताबि‍क, स्‍टार्टअप में कमी आने के साथ-साथ लगातार दूसरे साल स्‍टार्टअप इन्‍वेस्‍टमेंट में भी कमी आई है। हालांकि‍, इस साल अब तक स्‍टार्टअप्‍स को मि‍लने वाला अकाउंट पहले ही बीते साल को पार कर चुका है लेकि‍न डील्‍स की वॉल्‍यूम कम है।

नए स्‍टार्टअप्‍स में गि‍रावट आंशि‍क रूप से साइक्‍लि‍क है। कई एंत्रप्रेन्‍योर्स जि‍न्होंने साल 2014 और 2015 में कंज्‍यूमर इंटरनेट कंपनि‍यों को शुरू कि‍या वह पि‍छले 18 महीने से सर्वि‍स (SaaS) बि‍जनेस टू बि‍जनेस ई-कॉमर्स और फाइनेंशि‍यल टेक्‍नोलॉजी जैसे एरि‍या पर शि‍फ्ट हो गए हैं। अगर, ई-कॉमर्स और कंज्‍यूमर इंटरनेट मार्केट दोबारा से रफ्तार पकड़ता है तो एंत्रप्रेन्‍योर्स फि‍र से शि‍फ्ट होने की कोशि‍श कर सकते हैं।


कमेंट करें

अभी अभी