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शिवराज का दरकता जादू!

icon गोविंद ठाकुर | 0
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| अगस्त 17 , 2017 , 19:38 IST | नयी दिल्ली

मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव के परिणामों ने भाजपा सरकार की दरकती लोकप्रियता को सबके सामने ला दिया है। इसके अलावा ये परिणाम भविष्य के गढ़ते नवीन राजनैतिक समीकरणों की ओर भी संकेत दे रहे हैं। आशा से परे आए परिणामों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के धड़कनें ज़रूर बढ़ा दी होंगी। 43 नगरीय निकाय चुनाव के नतीजों में 14 पर कांग्रेस ने और 3 पर निर्दलीय ने कब्जा कर लिया। हालांकि 26 पर बीजेपी ने दम दिखाया लेकिन शिवराज ब्रांड और सत्ता हाथ में होने के बाद भी 17 सीट हाथ से निकल गई।

सबसे बड़ी बात है कि मुख्यमंत्री जी ने इन चुनावों को गंभीरता से लेते हुए 27 सीटों पर धुआंधार प्रचार किया था लेकिन परिणाम आए तो इनमें से 13 सीट पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है। कहा जाता था कि चुनाव में शिवराज की सभा भर हो जाए तो सीट बीजेपी की झोली में आना लगभग तय...लेकिन लगता है कि शिवराजजी के जादू को नज़र लग गई है। भाजपा को अब गंभीर मंथन की आवश्यकता है।

जल्द बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भोपाल में चौपाल ज़माने वाले हैं। पहले ही कयास लगाए जा रहे थे कि चौपाल में शिवराज के विरोध में सुर गूंज सकते हैं लेकिन  नगरीय निकाय के नतीजों के बाद अब तय है बैठक में शिवराज विरोधी भारी पड़ने वाले हैं। संघ और मोदी-शाह की टीम के द्वारा जमा की गई रिपोर्ट में भी शिवराज का ग्राफ तंदुरुस्त नहीं है। वैसे भी शिवराज मोदी-शाह की गुडबुक में सार्वजनिक तौर पर शामिल हो सकते है लेकिन "वेवलेंथ" मैच नहीं होती है।

पहले ठोस तौर पर माना जाता था कि मप्र में बीजेपी का चेहरा शिवराज के अलावा अन्य कोई हो ही नहीं सकता लेकिन अब जिस तरह माहौल बना हुआ है,उसमें चेहरा कोई खास हो यह कोई मायने नहीं रखता। बड़ा संभव है कि जल्द शिवराज की कर्मभूमि दिल्ली बन जाए और आने वाले समय में मुख्यमंत्री निवास में आयोजित अन्य कोई चेहरा 'दीवाली मिलन समारोह' का मेजबान हो ....।