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ऑनलाइन मीडिया के रेगुलेशन पर दर्जनों पत्रकार हुए लामबंद, मंत्री को लिखी चिट्ठी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 2 , 2018 , 15:48 IST

ऑनलाइन मीडिया पर केन्द्र सरकार द्वारा नए नियम और प्रतिबंधो को बनाए जाने से चिंतित 100 से ज्यादा पत्रकारों और अन्य प्रोफेशनल्स ने 1 मई को स्मृति ईरानी को खत लिखा है। इसमे ऑनलाइन मीडिया से जुड़े की दिग्गज पत्रकार भी शामिल हैं। जैसे- राघव बहल, संजय पुगलिया, एमके वेणु, मधु त्रेहन, नलिनी सिंह, प्रन्जॉय गुहा ठाकुरता, शिवम विज, अनिरुद्ध बहल और रमन कृपाल. इसके अलावा न्‍यू मीडिया के कुछ उद्यमी भी इसमें शामिल हैं, जैसे धन्य राजेंद्रन (द न्यूज मिनट), सीमा मुस्तफा (द सिटिजन), रितु कपूर (द क्विंट), तन्मय भट्ट (AIB) और भरत नायक (द लॉजिकल इंडियन)।

बता दें कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने न्यूज पोर्टल और ऑनलाइन मीडिया के ऊपर नियम बनाने के लिए पिछले महीने एक समिति के गठन का आदेश जारी किया था। इस आदेश में कहा गया था कि निजी टेलीविजन चैनल पर सामग्री का नियमन प्रोग्राम एंड एडवर्टाइजमेंट कोड्स द्वारा होता है जबकि प्रिंट मीडिया के नियमन के लिए प्रेस काउंसिल आफ इंडिया (पीसीआई) के अपने नियम हैं लेकिन ऑनलाइन मीडिया वेबसाइट और समाचार पोर्टल के नियमन के लिए कोई नियम नहीं हैं।

लेकिन इस आदेश का विरोध करते हुए ऑनलाइन मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने कहा कि यह मान लेना बिल्कुल गलत है कि इंटरनेट की सामग्री के लिए कोई नियम या दिशानिर्देश नहीं है। आईटी कानून को सरसरी तौर पर पढ़ने भर से यह पता चलता है कि सभी सामग्री उसके दायरे में आती है।

द वायर के फाउंडिग एडिटर एमके वेणु का कहना है कि, " इंटरनेट पर आधारित मीडिया और फेसबुक, गूगल जैसे ग्लोबल मीडिया एग्रीगेटर्स ने कंटेंट और डिस्‍ट्रीब्‍यूशन को बदल दिया है, जिसे सरकार आसानी से कंट्रोल नहीं कर सकती है और न ही उसे कोशिश करनी चाहिए। ये एक आजाद लोकतांत्रिक जगह है और इसे ऐसे ही रहने दिया जाना चाहिए।"

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नेटवर्क 18 और क्विंटिलियन मीडिया के फाउंडर राघव बहल ने कहा कि, "सरकार को रेगुलेशन की जल्दी नहीं करनी चाहिए। सरकार को नए सिरे से शुरुआत करनी चाहिए। पहले ग्लोबल स्तर पर ऑनलाइन कंटेंट रेगुलेशन की स्टडी करनी चाहिए। कई लोकतंत्रिक देशों ने इसके लिए पहले डिबेट की और फिर एक अच्छे फ्रेमवर्क के साथ सामने आए, जिससे फ्री स्पीच और ट्रांसपेरेंसी बनी रहे।"

खबर न्यूज वर्ल्ड इंडिया (NWI) भी इस मुहिम का समर्थन करता है।

onlinefreedomfoundation.org नाम की एक वेबसाइट भी बनाई गई, जिस पर आम नागरिक भी सरकार के ऑनलाइन रेगुलेशन का विरोध कर सकें।


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