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चंद रुपयों की खातिर आपके खाने की थाली में कैसे घोला जा रहा है जहर, देखिए वीडियो

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 8 , 2017 , 19:18 IST | नई दिल्ली

बाजार में हरी व चमकदार सब्जी को देखकर मन खाने को ललचा जाता है,लेकिन किसी को नहीं मालूम कि हम सब्जियों में कितना जहर रोजाना खा रहे हैं। हरी व चमकदार सब्जियों और लाल रंग के फलों को रातों-रात तैयार करने के लिए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। इस इंजेक्शन की मदद से फलों और सब्जियों को रातों-रात तैयार कर दिया जाता है।

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सब्जियों के साइज को बड़ा करने के लिए होता है ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल

ऑक्सीटोसिन एक ऐसा इंजेक्शन है, जो दुधारु पशुओं को भी लगाया जाता है। इससे बड़ी आसानी से दूध उतर आता है। ऐसा तब है, जब ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की बिक्री पर प्रतिबंध है। लेकिन यह धड़ल्ले से बाजार में बिक रहा है और आसानी से मिल जाता है। कृषि अधिकारी इलमचंद सैनी का कहना है कि यमुनानगर के मुकाबले यह दूसरी कई जगहों पर भी भारी तादाद में प्रयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि इसके लिए जांच अभियान भी चलाए जाते हैं।

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पेस्टीसाइड्स और दूसरे केमिकल से सब्जी-फलों को बनाया जाता चमकीला

खाने की थाली में जहर यानी पेस्टिसाइड्स से पूरा देश डरा हुआ है। यह डर लाजमी भी है, क्योंकि देश के कृषि मंत्री ने भी इस बात को मानते हैं कि भारत में 67 ऐसे पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल हो रहा है, जो दूसरे देशों में प्रतिबंधित हैं। लेकिन कई सब्जियां ऐसी हैं जिनमें इस जहर से डरने की जरूरत नहीं। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि घिया, तोरई, सीताफल, गाजर, शलगम जैसी कई सब्जियां ऐसी हैं, जिनमें पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल न के बराबर होता है।

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नेशनल सेंटर ऑफ इंटिग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट के डायरेक्टर डॉ. ओम बंबावला के मुताबिक,

सब्जियों में अलग-अलग तरह की बीमारियों के कीड़े लग जाते हैं, इसलिए कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन कभी-कभी उसकी मात्रा ज्यादा हो जाती है। किसान को जरूरत की दवा और उसकी पहचान के बारे में जागरूक करना जरूरी है। साथ ही पेस्टिसाइड्स बेचने वाले भी क्वॉलिफाइड लोग होने चाहिए

कैसे बचें सब्जियों के जहर से

फल और सब्जियों को पानी में दो से तीन बार धोएं। इससे उनके ऊपर लगे पेस्टिसाइड्स और इन्सेक्टिसाइड्स हट जाएंगे

बर्तन धोने वाले डिटर्जेंट की कुछ बूंदे एक लीटर पानी में मिलाएं और उसमें फल व सब्जी धोने के बाद उन्हें हल्के गुनगुने पानी में धोएं। इससे उन पर लगा वैक्स और कलर हट जाएगा

फल और सब्जियों को छीलकर ही खाएं। अगर ऐसा नहीं कर रहे हैं तो खाने से पहले उन्हें ब्रश से रगड़कर पानी में अच्छे से धो लें

बंदगोभी और ऐसी ही दूसरी पत्तेदार सब्जियों के ऊपरी हिस्से के पत्ते जरूर उतार दें
दूध को अच्छी तरह से उबालने के बाद ही पीएं। चाहे फिर वह पैकेज्ड मिल्क ही क्यों न हो

चमकदार फल और सब्जियों के इस्तेमाल से बचें, जैसे टमाटर, बैंगन, भिंडी, सेब

ऑर्गेनिक तरीके से उगाए गए फल, सब्जियों और दालों का ही ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें

फल और सब्जियों का क्या है केमिकल लोचा

बंदगोभी (क्लोरपाइरिफस)- मूड डिसऑर्डर्स, अस्थमा, स्नायु तंत्र पर असर

दूध (क्लोरपाइरिफस) - मूड डिसऑर्डर्स, अस्थमा, स्नायु तंत्र पर असर

बैंगन और बटर (हेप्टाक्लोर प्रतिबंधित)- लिवर डैमेज, इनफर्टिलिटी

इलायची (क्विनाल्फोस)- मरोड़, सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना

गेहूं- एल्ड्रिन कैंसर, इनफर्टिलिटी

चावल (क्लोरफेनविनफोस प्रतिबंधित)- दिमाग और स्नायु तंत्र पर असर

सेब (क्लोरडेन प्रतिबंधित)- नर्व डैमेज, अस्थमा और मूड डिसऑर्डर

टमाटर- डीडीटी कैंसर, हार्मोन डिसऑर्डर, इनफर्टिलिटी

सब्जियां (ओक्टिॉक्सिन) - इनफर्टिलिटी, नर्वस ब्रेकडाउंस, नर्व डैमेज

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