मनोरंजन

MOVIE REVIEW: रानी पद्मिनी की बहादुरी और राजपूतों का शौर्य दिखाती हैं 'पद्मावत'

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
923
| जनवरी 25 , 2018 , 11:22 IST

संजय लीला भंसाली हमेशा से ही लार्जर दैन लाइफ सिनेमा बनाते रहे हैं, लेकिन पद्मावत उनके जीवन की सबसे बड़ी फिल्म है। इस फिल्म को देखने के बाद जब आप सिनेमाघर से बाहर निकलेंगे तो आपके दिमाग में बस एक ही शख्‍स रहेगा... और वह होगा दानव और राक्षस जैसा दिखने वाला अलाउद्दीन खिलजी।

भंसाली की यह फिल्‍म मेवाड़ की ऐसी रानी पद्मावती के बारे में हैं, जिसकी खूबसूरती का दूर-दूर तक नाम था, लेकिन इस फिल्‍म में आपको पद्मावती की खूबसूरती और महारावल रतन सिंह की बहादुरी और राजपूत योद्धाओं का शौर्यगान समेत बहुत कुछ देखने को मिलेगा।

भंसाली ने यूं तो अब तक कई फिल्‍में बनाई हैं, लेकिन 'पद्मावत' को उनके तरकश का सबसे तीखा और दमदार तीर कहना गलत नहीं होगा। रानी 'पद्मावती' के शौर्य की इस कहानी को भंसाली ने काफी खूबसूरती के साथ पेश किया है। इस फिल्म को देखकर राजपूत समाज गौरवान्वित महसूस करेगा।

'पद्मावत' की कहानी-

पद्मावती (दीपिका पादुकोण) सिंघल राज्य की राजकुमारी है। उनकी खूबसूरती की चर्चा पूरे देश में होती है। एक दिन अचानक महारावल रतन सेन (शाहिद कपूर) की मुलाकात पद्मावती से होती है और वे उनसे प्यार करने लगते हैं। इसके बाद पद्मावती और पहले से शादीशुदा रतन सेन की शादी हो जाती है। तब तक सबकुछ ठीक चलता रहता है,जब तक कि रतन सेन के दरवार से निकाला हुआ पुरोहित राघव चेतन दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी (रणवीर सिंह) से नहीं मिलता।

यह पुरोहित अलाउद्दीन खिलजी को रानी पद्मावती की खूबसूरती के बारे में बताता है और खिलजी पद्मावती को पाने के लिए मेवाड़ पर चढ़ाई कर देता है। खिलजी छल से महारावल रतन सेन को बंदी बना लेता है और बदले में रानी पद्मावती की मांग करता है। हालांकि, खिलजी अपने मंसूबे में कामयाब हो पाता है या नहीं? आखिर कैसे महारानी पद्मावती जौहर का फैसला लेने को मजबूर होती हैं? ऐसे कई सवाल आपके जेहन में उठ रहे होंगे। लेकिन इनका जवाब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

भंसाली का डायरेक्शन-

फिल्म में डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की मेहनत साफ दिखाई देती है। उन्होंने जहां रानी पद्मावती की खूबसूरती को बखूबी दिखाया है तो वहीं,महारावल रतन सेन के पराक्रम और दरिंदे सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी की क्रूरता को दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। फिल्म के हर फ्रेम में भंसाली का जादू देखने को मिलता है। युद्ध सीक्वेंस से लेकर जौहर तक हर सीन को भंसाली विजुअली बहुत खूबसूरती से ट्रीट किया है।

फर्स्ट हाफ में महारानी पद्मावती और महारावल रतन सेन के प्यार की कहानी को दिखाया गया है। हालांकि, सेकंड हाफ को जबर्दस्ती खींचा गया है।इसमें युद्ध के सीन काफी लंबे हैं। अलाउद्दीन खिलजी की सनक को काफी फुटेज दिया गया है। इससे कहानी की रफ्तार धीमी हो जाती है।

एक्टिंग-

दीपिका पादुकोण पद्मावती के रोल में एकदम फिट बैठी हैं। उन्हें देखने के बाद लागत है कि कोई और इस रोल को उनसे बेहतर नहीं कर सकता था।

महारावल रतन सेन के किरदार के साथ शाहिद कपूर ने पूरा न्याय किया है। कुछ सीन्स में उनके अंदर पिता पंकज कपूर की झलक दिखाई देती है। हालांकि,रतन सेन और पद्मावती के बीच की केमिस्ट्री उम्मीद पर खरी नहीं उतरती है। रणवीर सिंह ने अलाउद्दीन खिलजी के किरदार को बखूबी निभाया है। हालांकि, कुछ समय बाद ऐसा लगता है, जैसे वे किरदार को निभाते-निभाते उसमें फंस गए हैं और ओवरएक्टिंग कर रहे हैं।

'पद्मावत' का म्यूजिक-

जैसा कि भंसाली की फिल्मों से उम्मीद की जाती है, 'पद्मावत' का म्यूजिक भी जबर्दस्त है। भंसाली ने संचित बल्हरा के साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर तैयार किया है, जिसमें में राजस्थानी धुनें भी सुनने को मिलती हैं। फिल्म का घूमर सॉन्ग पहले ही हिट हो चुका है। बाकी गाने भी सुनने में अच्छे लगते हैं।

भंसाली की फिल्मों का अंदाज-

इंटरवल के बाद फिल्म में रानी पद्मावती की राजनीतिक समझ बूझ को दिखाते हुए कहानी को आगे बढ़ाया गया है, जो देखने के बाद आप समझ पाएंगे। यदि आपने संजय लीला भंसाली की पिछली फिल्में देखी हैं तो आपको कहीं ना कहीं यहां दोहराव मिलेगा। तीन घंटें की इस फिल्म में आपको किसी किरदार से जुड़ाव महसूस नहीं होगा। ना दुख, ना खुशी, ना अफसोस, ना प्यार...। फिल्म देखकर इनमें से कोई भी भाव टिककर नहीं आता। फिल्म में रणभूमि के सीन जिस धमक के साथ दिखाए गए हैं, वह अद्भुत है। फिल्म के क्लाईमैक्स को शानदार तरीके से दिखाया गया है। जब मेवाड़ की सभी औरतें रानी पद्मावती समेत जौहर करने की तैयारी कर रही होती हैं तो देखने वाले दिल थाम लेते हैं।

देखें या नहीं?

यह फिल्म आपको जरूर देखनी चाहिए। फिल्म में आपको राजपूतों का शौर्य देखने को मिलेगा। रानी पद्मावती की खूबसूरती के साथ-साथ उनका पराक्रम भी आपको अचंभित करेगा।


कमेंट करें