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पाकिस्तान ने कहा जीसैट-9 भारत की परियोजना है, इसे क्षेत्रीय प्रयास नहीं कह सकते

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| मई 6 , 2017 , 14:25 IST | इस्लामाबाद

पाकिस्तान ने शुक्रवार को भारत द्वारा छोड़े गए दक्षिण एशिया उपग्रह के बारे में कहा कि यह अकेले भारत द्वारा निर्मित है, लिहाजा इसे क्षेत्रीय परियोजना नहीं कहा जा सकता। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने खुद को इस परियोजना से अलग कर लिया है।

विदेश विभाग के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा,

पाकिस्तान के पास अपना खुद का अंतरिक्ष कार्यक्रम है और अपनी विशेषज्ञता व प्रौद्योगिकी जानकारी साझा करने को तैयार है और भारतीय परियोजना में भागीदारी के लिए उत्सुक था। लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया कि उपग्रह को वह अकेले विकसित करेगा, छोड़ेगा ओर संचालित करेगा।

जकारिया ने कहा कि भारत ने दक्षेस के सदस्य देशों को दक्षेस उपग्रह नामक उपहार की पेशकश की, लेकिन वह परियोजना को सहभागिता के आधार पर विकसित नहीं करना चाहता था, लिहाजा पाकिस्तान के लिए इस परियोजना का दक्षेस के बैनर तले एक क्षेत्रीय परियोजना के रूप में समर्थन करना संभव नहीं था।

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भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने शुक्रवार को 4.57 मिनट पर दक्षिण एशिया संचार उपग्रह जीसैट-9 को लॉन्च किया। इसे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया। इस उपग्रह का निर्माण इसरो ने किया और उपग्रह को उद्देश्य क्षेत्र की आर्थिक और विकास संबंधित प्राथमिकताओं को पूरा करना है। दरअसल, जीसैट-9 को भारत की ओर से दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों के लिए तोहफा समझा जा रहा है।

Orbital missions

इस मिशन में पाकिस्तान को छोड़कर सभी सार्क देश शामिल थे। इस उपग्रह का निर्माण करने में करीब 3 साल का वक्त लगा और करीब 235 करोड़ रुपए खर्च हुए। भारत के अलावा इस उपग्रह का लाभ श्रीलंका, भूटान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और मालदीव ले सकेंगे।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं

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