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13 बार अपील करने पर भी पाकिस्तान ने जाधव से नहीं मिलने दिया: विदेश मंत्रालय

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 13 , 2017 , 16:30 IST | नई दिल्ली

भारत ने कहा है कि पाकिस्तान सरकार से कुलभूषण जाधव से मुलाकात की 13 बार अपील की गई, लेकिन उन्होंने हर बार इनकार कर दिया, पाक ने आज तक नहीं बताया कि जाधव पाक में कहां और किस हाल में हैं।

उधर, संयुक्त राष्ट्र ने जाधव को फांसी की सजा पर कोई कमेंट करने से इनकार कर दिया है। यूएन ने कहा है कि वह इस मामले में फैसला लेने की स्थिति में नहीं है और भारत-पाकिस्तान को आपसी बातचीत के जरिए अपनी समस्याओं का शांतिपूर्ण निकालना चाहिए। बता दें कि जाधव को पाकिस्तान की मिलिट्री कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है।

 

संयुक्त राष्ट्र ने किया हस्तक्षेप से इंकार 

 यूनाइटेड नेशंस के सेक्रेटरी जनरल अंटोनियो गुटेरस के स्पोक्सपर्सन स्टीफन डुजारिक ने अपनी डेली ब्रीफिंग में कहा,

हम इस पूरी प्रक्रिया को जज करने या इस खास मामले में अपना मत रखने की स्थिति में नहीं हैं।

 

भारत ने यह भी कहा है कि अगर जाधव को फांसी होती है तो इसे सोची-समझी हत्या करार दिया जाएगा। इस पर डुजारिक ने कहा, "हम यह कहना जारी रखेंगे कि आपस में बातचीत के जरिए ही भारत-पाक को इसका शांतिपूर्ण हल निकालना चाहिए।"

 

पाक के पास जाधव के खिलाफ कोई सबूत नहीं: भारत

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,

जाधव को किसी तरह अगवा करके पाक ले जाया गया। हमने पाक सरकार से पूछा कि वो कहां है, हमसे कहा गया कि हमें नहीं पता कि वो कहां हैं। उनकी कंडीशन क्या है, उनकी सेहत कैसी है? इस बारे में पाकिस्तान सरकार ने आज तक हमें कोई जानकारी नहीं दी है।

 

13 बार जाधव से मिलने की अपील की गई, लेकिन हर बार उन्होंने इनकार कर दिया। जाधव नौसेना के अवकाश प्राप्त अधिकारी हैं। हमने पाकिस्तान को बता दिया है कि जाधव को अगवा करके ले जाया गया है, उनके खिलाफ आपके पास कोई भी सबूत नहीं हैं।

 

गृह मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में कहा कि भारत सरकार जाधव को बचाने के लिए हर संभव कोशिश करेगी। भारत सरकार जाधव के लिए पाकिस्तान में वकील करने के रास्ते तलाश रही है।

सुषमा ने कहा था, हिंदुस्तान के इस बेटे को बचाने के लिए अच्छा वकील खड़ा करना तो छोटी बात है, हम राष्ट्रपति तक भी बात करेंगे। 

राजनाथ सिंह ने कहा,

कुलभूषण के पास वैलिड भारतीय वीजा मिला था। ऐसी स्थिति में वह जासूस कैसे हो सकता है? उसे बचाने के लिए जो बन पड़ेगा, वो सरकार करेगी। मैं आश्वस्त करता हूं कि उसके साथ अन्याय नहीं होगा। जाधव बहुत पहले ही नेवी छोड़ चुका था। उसका बिजनेस था। इसी सिलसिले में वह ईरान के चाबहार आया-जाया करता था। वहां से उसे अगवा किया गया और बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया हुआ दिखाया गया।

 

Passport-Kulbhushan-Jadhav


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