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अब पाकिस्तानी सेना ने भी कबूला, आतंकियों से जुड़े हैं ISI के तार

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 6 , 2017 , 12:33 IST | इस्लामाबाद

पाकिस्तानी सेना ने खुफिया एजेंसी ISI के आतंकियों के साथ संबंधों को स्वीकार कर लिया है। गुरुवार को पाकिस्तानी सेना ने कहा खुफिया एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलीजेंस आतंकियों से संपर्क में है। बाद में सफाई देते हुए पाक सेना ने कहा कि इसका यह मतलब बिल्कुल भी नहीं है कि हम आतंकी संगठनों का समर्थन करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मिल्ली मुस्लिम लीग जोकि आतंकी संगठन जमात उद दावा की राजनीतिक शाखा है, को चुनाव लड़ने की स्वतंत्रता है। आपको बता दें कि मिल्ली मुस्लिम लीग के चुनाव लड़ने पर चुनाव आयोग ने रोक लगा दी थी।

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अमेरिका के दवाब में पाक सेना ने दिया बयान

यूएस के द्वारा पाकिस्तान पर दिए गए बयान के बाद इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशन के डायरेक्टर जनरल मेजर आसिफ गफूर ने कहा कि समर्थन और संपर्क में बहुत अंतर होता है। किसी भी ऐसी इंटेलीजेंस एजेंसी का नाम बताइये जिसके संपर्क न हों। संपर्क सकारात्मक हो सकते हैं। अमेरिका के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पाक जनरल ने कहा कि यूएस के रक्षामंत्री जेम्स मैटिस ने यह नहीं कहा था कि हम आतंकियों का समर्थन करते हैं। आपको बता दें कि अमेरिकी यूएस जनरल जोसेफ डनफोर्ड ने कहा था कि आईएसआई के तार न केवल आतंकी संगठनों से जुड़े हैं बल्कि पाक से अलग उसकी अपनी एक अलग फॉरेन पॉलिसी भी है।

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US के रक्षा मंत्री मेटिस ने कहा था- ISI के आतंकी से कनेक्शन

ISI और आतंकियों के कनेक्शन पर अमेरिकी दावों को लेकर एक सवाल के जवाब में इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा, 'समर्थन करने और लिंक्स होने में फर्क है। एक भी ऐसी खुफिया एजेंसी का नाम बताइए जिसके लिंक्स न हो। ये लिंक्स सकारात्मक भी हो सकते हैं, और यूएस के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने ऐसा नहीं कहा कि ISI आतंकियों का समर्थन करता है।

मैटिस ने मंगलवार को कहा था कि अमेरिका पाकिस्तान के साथ अफगानिस्तान में काम करने को लेकर एक बार और बात करेगा। इससे पहले कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप इस्लामाबाद के आतंकियों के समर्थन को लेकर किसी विकल्प की तलाश करें। मैटिस के इस बयान के बाद से ही पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई थी।

 

 


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