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हर जुर्म का हिसाब होगा...वो सैनिक नहीं आतंकी हैं! जानिये क्या है नापाक BAT

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| मई 1 , 2017 , 17:24 IST | नई दिल्ली

आम तौर पर सेना के कुछ उसूल होते हैं, कुछ कायदे होते हैं। लेकिन पाकिस्तानी सेना के लिए कोई उसूल नहीं है। उनका बस एक ही मकसद है बर्बरता। इस मामले में पाकिस्तान की स्पेशल फोर्स BAT (बार्डर एक्शन टीम) ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दी है। ऐसा लगता है जैसे पाकिस्तानी आर्मी की ड्रेस में कोई सैनिक नहीं, बल्कि कोई हैवान हो। जिसका मकसद अपने दुश्मनों को मारना नहीं बल्कि उसके साथ हैवानियत कर अपनी खीझ निकालना हो। आखिर क्या है ये BAT नाम की बला.. पढ़िए इस रिपोर्ट में..

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खूनी टुकड़ी के नाम से बदनाम है BAT

पाकिस्तानी आर्मी की स्पेशल फोर्स BAT किसी आतंकी टुकड़ी से कम नहीं है। वर्दी में धूमने वाले ये आतंकी इतने खतरनाक और बर्बर हैं कि ये अपने दुश्मनों को सिर्फ गोली नहीं मारते बल्कि मरने के बाद डेड बॉडी के साथ चीर-फाड़ भी करते हैं। शव के साथ ऐसी बर्बरता कि देखकर किसी का भी कलेजा हिल जाए, लेकिन इन पाकिस्तानी दरिंदों का कोई ईमान नहीं, इनका कोई धर्म नहीं और इनके कोई उसूल नहीं। इनका बस एक ही मकसद होता है। शहीद के शरीर के साथ इतनी बर्बरता की जाए कि इनके आका उसे देख खुश हो जाएं। आपको बता दें कि इसी BAT ने शहीद हेमराज का सिर काटा था और उसे अपने साथ ऐसे ले गए थे जैसे वो शहीद का सिर ना हो बल्कि किसी युद्ध को जीतने के बाद मिलने वाला ईनाम हो।

 

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ज्यादा सक्रिय है BAT

वैसे तो पाकिस्तान की BAT हमेशा से ही इस ताक में रहती है कि कैसे भारतीय सीमा में फायरिंग कर भारतीय फौजियों के साथ बरबरता की जाए। लेकिन जब से भारतीय सेना में सीमा पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक की है, तबसे उनका काम थोड़ा और बढ़ गया है। बताजा जा रहा है कि पाकिस्तानी फौज ने सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेने की जिम्मेदारी BAT को ही दे रखी है।

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भारत के फारवर्ड पोस्ट को निशाना बनाती है BAT

बर्बर हमले के लिए खास तौर पर ट्रेंड पाकिस्तान की BAT हमेशा भारतीय फौज के फारवर्ड पोस्ट को निशाना बनाती है। एलओसी से सटी भारतीय चौकियों पर पहले वो सीमा पार से फायरिंग करते हैं। अगर हमले का माकूल जवाब मिला तो वो वहां से भाग खड़े होते हैं, लेकिन अगर भारतीय फौज की तरफ से जरा भी चूक हुई तो वो सीधे सीमा के इस पार घुस जाते हैं और फिर शुरू होता है बर्बरता का नंगा नाच।

 

दी जाती है कमांडो ट्रेनिंग 

आपको जानकर हैरानी होगी की BAT को पाकिस्तानी फौज की तरफ से कमांडो ट्रेनिंग भी दी जाती है। यही नहीं ग्रुप में शामिल आतंकवादियों को भी कमांडो की तरह ट्रेंड किया जाता है। इन्हें खास तौर पर सीमा के पार जाने और हमला कर वापस आने की ट्रेनिंग दी जाती है।

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छोटे-छोटे ग्रुप में देते हैं हमले को अंजाम

BAT की टुकड़ी बहुत छोटी होती है। हर ग्रुप में 10 जवान होते हैं। BAT की टीम में आतंकियों को भी शामिल किया जाता है। ग्रुप बनाते समय इस बात का खास ध्यान रखा जाता है कि जिस जगह पर हमला करना है, वहां का कोई स्थानीय आतंकी भी उस ग्रुप में हो। जो BAT को पूरे रास्ते और प्लानिंग के बारे में बता सके।

 

पहले भी कर चुके हैं भारतीय सैनिकों के शव के साथ बर्बरता

जनवरी 2013 में BAT ने ही मेंढर सेक्टर में शहीद हेमराज का सिर काटा था। यही नहीं अगस्त 2016 के माछिल अटैक को भी BAT ने ही अजाम दिया था। जिसमें सेना के तीन जवान शहीद हुए थे।

 

बर्बरता के मामले में पाक फौज भी पीछे नहीं

पिछले साल 28 अक्टूबर में भी एक जवान मनदीप सिंह के शव का भी पाकिस्तान की सेना ने अपमान किया था। पाकिस्तानी आर्मी के कवर फायर का फायदा उठाते हुए आतंकी LoC के रास्ते घुसे और एक जवान की जान ले ली। उसके बाद जवान के शव को क्षत-विक्षत कर दिया। जून 2008 में गोरखा राइफल्स के एक जवान को पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम ने केल सेक्टर में पकड़ लिया था। कुछ दिन बाद उसका सिर कलम कर लाश फेंक दी थी। 1999 की कारगिल जंग के दौरान कैप्टन सौरभ कालिया को पाकिस्तान की सेना ने प्रताड़ित किया था और बाद में उनके शव के साथ भी बर्बरता की गई।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं

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