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पनामा गेट: नवाज के खिलाफ खुले भ्रष्टाचार के 15 नए मामले, SC में सुनवाई शुरू

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 17 , 2017 , 14:40 IST | इस्लामाबाद

पनामा गेट केस में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के परिवार की संपत्तियों पर पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। सुनवाई का आज पहला दिन है। शरीफ परिवार की संपत्तियों पर ज्वाइंट इंवेस्टिगेशन टीम ने अपनी रिपोर्ट में कई आरोप लगाए हैं। इस बीच पाकिस्तान के वित्तमंत्री इशाक डार ने सुप्रीम कोर्ट से गुजारिश की है कि वह पनामा गेट और नवाज शरीफ परिवार की संपत्ति के मामले में ज्वाइंट इंवेस्टिगेशन टीम (जेआईटी) की रिपोर्ट को खारिज कर दे।

सुप्रीम कोर्ट पहली बार नवाज के भ्रष्टाचार मामले की कर रहा सुनवाई

जेआईटी के खुलासों के बाद पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट पहली बार इस मामले में सुनवाई करने जा रहा है। बता दें कि जेआईटी ने अपनी रिपोर्ट में शरीफ परिवार पर सीधे तौर पर आरोप लगाए हैं। शरीफ परिवार पर गलत दस्तावेज प्रस्तुत करने और विदेश स्थित फर्जी कंपनियों में अपनी संपत्ति छुपाने का आरोप है।

शरीफ के खिलाफ 15 मामले फिर से खोलने की सिफारिश

पनामा पेपर्स लीक कांड के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के परिवार की लंदन में स्थित संपत्ति की जांच करने वाली संयुक्त जांच टीम (JIT) ने शरीफ के खिलाफ 15 मामलों को फिर से खोलने की सिफारिश की है। मीडिया में रविवार को एक खबर में यह कहा गया है। यह हाई प्रोफाइल मामला 1990 के दशक में शरीफ द्वारा कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग किए जाने का है, जब उन्होंने प्रधानमंत्री रहने के दौरान लंदन में संपत्ति खरीदी थी।

Sharif 1

नवाज की फैमिली पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

पनामा पेपर्स लीक स्कैंडल में शरीफ फैमिली पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 1990 में पीएम के तौर पर अपने दूसरे कार्यकाल में शरीफ की फैमिली ने लंदन में प्रॉपर्टीज खरीदी थीं। इनका खुलासा तब हुआ, जब 2016 में पनामा पेपर्स लीक में शरीफ का नाम सामने आया। यह आरोप है कि शरीफ के बच्चों द्वारा खरीदी गई ये प्रॉपर्टीज ऑफशोर कंपनियों के जरिये मैनेज की गईं।

करप्शन का नया केस भी दर्ज हो सकता है

पनामा मामले की जांच कर रही 6 मेबर्स वाली जेआईटी ने अपनी फाइनल रिपोर्ट 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी थी। इसमें कहा गया है कि शरीफ और उनके बच्चों की जीवनशैली उनकी आय के ज्ञात स्त्रोतों से कहीं ज्यादा थी। जेआईटी ने रिपोर्ट में इनके खिलाफ करप्शन का नया केस दायर करने की सिफारिश की है।

Sharif family

लंदन में 4 अपार्टमेंट हैं नवाज की फैमिली के नाम

हालांकि शरीफ ने आरोपों को आधारहीन बताते हुए जेआईटी की रिपोर्ट खारिज कर दी है। शरीफ फैमिली के लंदन के 4 अपार्टमेंट से जुड़ा मामला उन 8 मामलों में शामिल है जिनकी नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने दिसंबर 1999 में जांच शुरू की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 20 अप्रैल को दिए अपने फैसले में जेआईटी से कहा था कि वह लंदन फ्लैट्स की खरीद में की गई पैसों की हेराफेरी की जांच करे। कोर्ट ने शरीफ परिवार की गल्फ स्टील मिल, कतारी लेटर, ऑफशोर कंपनियों और अन्य मामलों में 12 सवाल भी पूछे थे।

क्या है पनामा पेपर्स लीक

पिछले साल ब्रिटेन से लीक हुए टैक्स डॉक्युमेंट्स बताते हैं कि कैसे दुनियाभर के 140 नेताओं और सैकड़ों सेलिब्रिटीज ने टैक्स हैवन कंट्रीज में पैसा इन्वेस्ट किया। इनमें नवाज शरीफ का भी नाम शामिल है। इन सेलिब्रिटीज ने शैडो कंपनियां, ट्रस्ट और कॉरपोरेशन बनाए और इनके जरिए टैक्स बचाया। लीक हुए डॉक्युमेंट्स खासतौर पर पनामा, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड और बहामास में हुए इन्वेस्टमेंट के बारे में बताते हैं।

सवालों के घेरे में आए लोगों ने इन देशों में इन्वेस्टमेंट इसलिए किया, क्योंकि यहां टैक्स रूल्स काफी आसान हैं और क्लाइंट की आइडेंडिटी का खुलासा नहीं किया जाता। पनामा में ऐसी 3.50 लाख से ज्यादा सीक्रेट इंटरनेशनल बिजनेस कंपनियां हैं।

 

 


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