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संसदीय समिति के सामने पेश हुए उर्जित पटेल, PNB घोटाले पर पूछे गए सवाल

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 12 , 2018 , 18:49 IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर उर्जित पटेल संसदीय स्थायी समिति के सामने पेश हुए। इस दौरान स्थायी समिति ने उर्जित पटेल से नीरव मोदी-पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी, बैंकों के बढ़ते बैड लोन और नोटबंदी के बाद बैंकों में वापस आए नोटों के आंकड़ों सहित कई मुद्दों पर सवाल पूछे।
गौरतलब है कि हीरा कारोबारी नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक से 13,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। आरोप लगने के बाद नीरव फरार चल रहा है।

कैसे पता नहीं चला पीएनबी घोटाला

समिति के सदस्यों ने उर्जित पटेल से पूछा कि घोटाले के बारे में कैसे पता नहीं चला। साथ ही समिति ने बैंकों में बढ़ते एनपीए पर भी चर्चा की। इस पर पटेल ने स्थायी समिति को बताया कि बैंकिंग क्षेत्र के एनपीए संकट को हल करने के लिए उपाय शुरू किए गए हैं।

दिवालिया कानून से स्थिति में सुधार

कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाली इस समिति में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी सदस्य हैं। समिति के कुछ सदस्यों ने उर्जित पटेल से जानना चाहा कि एटीएम मशीनों में हाल में पैसा की कमी क्यों आ गई थी। पटेल ने समिति को जानकारी दी कि दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता कानून को लागू किए जाने के बाद एनपीए के मामले में हालात सुधरे हैं। पटेल ने कहा कि दिवालिया कानून से स्थिति सुधर रही है। फंसा कर्ज कम हो रहा है। विवादों के समाधान के लिए सिस्टम बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम संकट से निकल जाएंगे। पटेल के मुताबिक रिजर्व बैंक एनपीए के मुद्दे को सुलझाने के लिए कदम उठा रहा है। समिति के सामने आखिरी बार पेश हो रहे गवर्नर उर्जित पटेल से संसद की समिति ने लोन रिस्ट्रक्चरिंग कार्यक्रम को लेकर भी सवाल किए। हाल ही में कई राज्यों में नकदी की कमी के चलते एटीएम में पैसे खत्म हो गए थे। इस कारण लोगों को दिक्कत उठानी पड़ी थी।

नोटबंदी के बाद संसदीय समिति का गठन

2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की थी। जिसके तहत 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद कर दिए गए थे। तब संसदीय समिति बनाई गई थी। यह पहली बार नहीं है, जब उर्जित पटेल संसदीय समिति के सामने पेश हुए। इससे पहले भी उन्हें कई बार समिति के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा है।


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