राजनीति

शिवराज सरकार के 5 संतों को राज्यमंत्री बनाने के विरोध में हाई कोर्ट में याचिका दायर

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
428
| अप्रैल 4 , 2018 , 22:09 IST

मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार द्वारा 5 संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिए जाने के बाद जहां सूबे का सियासी तापमान बढ़ गया है, वहीं इसे हाई कोर्ट में चुनौती भी दी गई है। दरअसल, शिवराज सरकार में पांच बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है, जिसमें कंप्यूटर बाबा, भय्यूजी महाराज, नर्मदानंद, हरिहरनंद, पंडित योगेंद्र महंत शामिल हैं। अब इस फैसले के खिलाफ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में अपील की गई है। कांग्रेस ने इस मसले पर सरकापर को घेरा है।

कांग्रेस का आरोप है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान घोटालों पर पर्दा डालने के लिए सौदेबाजी पर उतर आए हैं और उन्होंने इसीलिए बाबाओं को लुभाया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने बुधवार को एक बयान में कहा, "मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने कार्यकाल में हुए घोटालों पर पर्दा डालने के लिए अब सौदेबाजी पर उतर आए हैं।

नर्मदा किनारे पौधरोपण घोटाले का पर्दाफाश का ऐलान करने वाले बाबाओं को प्रलोभित करने के लिए मुख्यमंत्री ने 'नर्मदा किनारे जन जागरूकता हेतु विशेष समिति' गठित की है और यह लोकतंत्र, राजनीति के साथ ही शिवराज सिंह चौहान की छवि पर काला धब्बा है।"

उन्होंने कहा, "इससे इस बात की पुष्टि भी होती है कि नर्मदा सेवा यात्रा और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के नाम पर 6.67 करोड़ पौधे रोपने में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है।"

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने मंगलवार को पांच संतों की एक विशेष समिति के गठन का ऐलान कर उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा दिया था। जो काफी चर्चा में है।

नेता प्रतिपक्ष सिंह ने कहा कि भाजपा की जाती हुई सरकार और अपने घोटालों को उजागर होने से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पद का दुरूपयोग और सत्ता की सौदेबाजी शुरू कर दी है।

उन्होंने कहा, "नर्मदा किनारे हुए पौधरोपण घोटाले पर यात्रा निकालने वाले बाबाओं को राजा महाराजा के समान जो रेवड़ी बांटनी मुख्यमंत्री ने शुरू की है, वह मध्यप्रदेश की राजनीति में एक घृणित अध्याय की शुरुआत है। मुख्यमंत्री चुनाव जीतने के लिए प्रदेश को लूटने और बेचने का अभियान चला रहे हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री ने बाबाओं के साथ जो सौदेबाजी की है, इससे लगता है कि व्यापमं, डंपर जैसे मामलों में भी उन्होंने सौदेबाजी कर अपने पाप को छिपा रखा है।"


कमेंट करें