नेशनल

पीयूष गोयल के अजीबोगरीब तर्क, कहा- नौकरी जाना इकोनॉमी के लिए अच्छा संकेत

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
87
| अक्टूबर 8 , 2017 , 15:12 IST | नई दिल्ली

पिछले दिनों वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के इंडिया इकनॉमिक समिट में रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने एक अजीब बात कही। पीयूष गोयल ने कहा था कि लोगों की नौकरी जाना इकॉनमी के लिए अच्छा संकेत है। ऐसे समय में जब पूरा देश प्राइवेट सेक्टर में घटती नौकरियों को लेकर चिंतित है तब केंद्र के मंत्री का ऐसा बयान हैरानी वाला था।

दरअसल पीयूष गोयल भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल की बात का जवाब दे रहे थे। सुनील मित्तल ने भारत की टॉप 200 कंपनियों का संदर्भ लेते हुए कहा था कि ये कंपनियां पिछले कुछ सालों से जॉब घटा रही हैं। मित्तल ने कहा था कि अगर ये टॉप 200 कंपनियां रोजगार सृजन नहीं कर रही हैं तो बिजनस समुदाय के लिए समाज को अपने साथ लेकर चल पाना और भी कठिन होता जाएगा।

Piyush 3

पीयूष गोयल की दलील- नौकरी छोड़ स्वरोजगार अपना रहे हैं युवा

इसके बाद ही पीयूष गोयल का बयान आया। हालांकि पहले इसे साफ कर दिया जाए कि पीयूष गोयल युवाओं की नौकरी जाने पर खुशी नहीं जता रहे हैं। उनका संदर्भ था कि युवा अब कहीं नौकरी करने की बजाय स्वरोजगार की तरफ जा रहे हैं। पीयूष ने कहा था कि 'अभी सुनील ने जो कहा कि कंपनियां रोजगार में कमी कर ही हैं, अच्छा संकेत है।' रेल मंत्री ने कहा कि आज का युवा केवल जॉब पाने की चाहत रखने वाला नहीं है। वह नौकरियों का सृजन करना चाहता है। गोयल ने कहा कि देश आज देख रहा है कि ज्यादा से ज्यादा नौजवान उद्यमी बनना चाहते हैं।

पीयूष गोयल का बयान या सरकार की मुद्रा स्कीम का प्रचार

शायद पीयूष गोयल ऐसा कहते हुए केंद्र सरकार की मुद्रा स्कीम के बारे में सोच रहे थे। पीएम मोदी ने 2015 में मुद्रा स्कीम को लॉन्च किया था। SKOCH की रिपोर्ट के मुताबिक इस स्कीम के तहत 8 करोड़ लोगों को 3.42 लाख करोड़ का लोन बांटा गया है। अब सवाल यह है कि क्या इस पर यह आकलन करना सही है कि जिनकी नौकरी गई उन्हें लोन मिला और उन्होंने अपना छोटा बिजनस शुरू कर दिया?

पीयूष गोयल के बयान का रिऐलिटी चेक

पिछले साल लारसन ऐंड टूब्रो (L&T) ने करीब 14000 कर्मचारियों की छंटनी की। इस कैलेंडर ईयर के पहले क्वॉर्टर में एचडीएफसी में कर्मचारियों की संख्या 90421 से घटकर 84325 हो गई। पिछले क्वॉर्टर में कर्मचारियों की संख्या में 4581 की कमी आई थी। पिछले कुछ सालों में 67 टेक्स्टाइल यूनिट बंद हो चुकी हैं, जिससे 17600 लोगों की नौकरी जा चुकी है।

क्या हम मान सकते हैं कि ये कर्मचारी उद्यमी बन गए

गोयल ने इसकी व्याख्या की थी कि कैसे स्वरोजगार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा था कि 3डी मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और नई खोजों के समय में अधिक से अधिक लोग अपना काम शुरू कर रहे हैं। वे फ्रैंचाइजी बनाना चाहते हैं। आइडिया के साथ लगातार सामने आ रहे लोग अपना स्वतंत्र काम करना चाहते हैं।

हालांकि इसपर भरोसा करना कठिन है कि L&T या इंफोसिस से निकाले गए शख्स ने फ्रैंचाइजी खड़ी कर ली होगी। इसके अलावा 3डी मैन्युफैक्चरिंग और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस भारत में शुरुआती दौर में है। स्टार्टअप सेक्टर ने भी पिछले साल मंदी देखी है। इस साल फंडिंग तो बढ़ी है लेकिन डील वॉल्यूम नीचे ही है। इस फैक्ट को ध्यान में रखें तो पाएंगे कि बेरोजगारों और नौकरी गंवाने वाले युवाओं पर गोयल का बयान सही नहीं है।

 


कमेंट करें

अभी अभी