नेशनल

PM मोदी बोले, पान की पीक रोड पर थूककर हमें वंदे मातरम कहने का हक नहीं

अनुराग गुप्ता, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
165
| सितंबर 11 , 2017 , 12:55 IST | नई दिल्ली

स्वामी विवेकानंद के शिकागो में दिए भाषण की 125वीं वर्षगांठ पर और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मशताब्दी के मौके पर पीएम मोदी ने विज्ञान भवन में युवाओं को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में करीब एक हजार छात्र शामिल हुए।

पीएम मोदी के भाषण की खास बातें:

- आज 11 सितंबर है, विश्व को 2001 से पहले यह पता नहीं था कि आखिर 9/11 क्या महत्व है। दोष दुनिया का नहीं था, दोष हमारा था कि हमने ही उसे भुला दिया था और अगर हम ना भुलाते तो 21वीं शताब्दी का 9/11 ना होता। इस दिन हमारे देश के एक नौजवान ने अपने भाषण से पूरी दुनिया को हिला दिया। गुलामी के 1000 साल के बाद भी उसके भीतर वो ज्वाला थी और विश्वास था कि भारत में वो सामर्थ्य है जो दुनिया को संदेश दे सके।

- शिकागो भाषण से पहले लोगों को लेडिज एंड जेंटलमैन के अलावा कोई शब्द नहीं पता था। ब्रदर्स एंड सिस्टर्स के बाद 2 मिनट तक तालियां बजती रही थी। उस भाषण से पूरी दुनिया को स्वामी विवेकानंद ने अपना बना लिया था।

- स्वामी विवेकानंद के 2 रूप थे, विश्व में वे जहां भी गए बड़े विश्वास के साथ भारत का महिमामंडन करते थे। वो हमारे समाज के अंदर की बुराईओं को कोसते थे और उनके खिलाफ आवाज उठाते थे। विवेकानंद दुनिया के सामने भारत की तारीफ करते थे, मगर भारत में आकर समस्याओं को उठाते थे। वे जीवन में कभी गुरू खोजने को नहीं गए थे, वे सत्य की तलाश में थे। रामकृष्ण परमहंस उन्हें मां काली के पास भेजते हैं। वो कौन सा लौह तत्व होगा उनके अंदर, जिन्होंने मां काली से भी कुछ नहीं मांगा।

- पीएम मोदी ने नारी के सम्मान की बात करते हुए कहा कि, क्या हम आज नारी का सम्मान करते हैं? क्या हम लड़कियों के प्रति आदर-भाव से देखते हैं? जो नारी के भीतर इंसान नहीं देख पाते, उन्हें स्वामी विवेकानंद के भाषण पर तालियां बजाने का हक नहीं है। जब रवींद्र नाथ टैगोर को नोबेल प्राइस मिला और दूसरा जब विवेकानंद जी का भाषण हुआ। दोनों बंगाल की संतान थीं। मुझे गर्व होता है कि भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश का राष्ट्रगान बनाने वाले मेरे देश के थे।

- पीएम मोदी ने आगे कहा कि पूरे देश से पूछ रहा हूं कि क्या हमें वंदेमातरम् कहने का हक है। मैं जानता हूं कि मेरी बात हजारों लोगों को चोट पहुंचाएगी। लोग पान खाकर भारत मां पर पिचकारी मारते हैं और फिर वंदे मातरम बोलते हैं। अगर वंदे मातरम बोलने का हक किसी को है तो मां के उन सच्चे लोगों को है जो सफाई करते हैं।

- उन्होंने यह भी कहा कि हम सफाई करें या न करें मगर हमें गंदगी करने का हक हमें नहीं है। आज हम स्वस्थ हैं क्योंकि कोई सफाई करने वाला कर्मचारी हमारे आसपास है। इसीलिए मैंने बोल दिया पहले शौचालय फिर देवालय। बहुत लोगों ने मेरे बाल खींच लिए। मुझे खुशी है कि देश में आज ऐसी भी बेटियां हैं, जो शौचालय नहीं होने पर शादी नहीं करती हैं।

- भारत सरकार आज युवाओं के लिए स्टार्टअप और स्टैंडप इंडिया लेकर आई है ताकि नौजवान नए चीजों की तरफ आगे बढ़ें।

पीएम मोदी का भाषण सुनें:


कमेंट करें