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दोस्ती के नए आयाम लिखेंगे भारत और इजरायल, जानें दौरे का पूरा एजेंडा

वीरमा राम, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 3
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| जुलाई 4 , 2017 , 21:49 IST | नयी दिल्ली

पहली बार भारत का कोई प्रधानमंत्री इजराइल के दौरे पर है। ऐसे में ये मौका खास होना ही है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपने मंत्रिमंडल के तमाम सदस्यों के साथ मोदी की अगुवाई के लिए हवाई अड्डे पहुंचे। नेतन्याहू पूरे तीन दिन लगभग हर समय प्रधानमंत्री मोदी के साथ ही रहेंगे। मोदी अपनी तीन दिनों की इजराइल यात्रा के दौरान जेरूसलम के किंग डेविड होटल में रुकेंगे, जहां पिछले दिनों अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी रुके थे। इस पांच सितारा होटल ने भी मोदी के स्वागत में रेड कारपेट भी बिछा रखी है।

प्रधानमंत्री नेतान्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में डिनर भी रखा है। साथ ही मोदी इजराइली राष्ट्रपति रिव्लिन से भी मिलेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी के इजराइल में दूसरे कार्यक्रमों की बात करें तो -

प्रधानमंत्री इजराइल में भारतीय समुदाय से भी मुखातिब होंगे। इस दौरान तेल अवीव में 4 से 5 हजार भारतीय जुटेंगे।

PM मोदी मोशे नाम के उस इजरायली बच्चे से भी मिलेंगे जिसने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों में अपने माता-पिता को गंवा दिया था।

6 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी हैफा में उन भारतीय सैनिकों की समाधि पर भी जाएंगे जो पहले वर्ल्ड वॉर के दौरान शहीद हो गए थे।

PM मोदी इजराइल की संसद नेसेट को भी सम्बोधित करेंगे और साथ ही 30 बड़ी कम्पनियों के सीईओ से भी मिलेंगे।

क्या है एजेंडा?

5 जुलाई को भारतीय समय के मुताबिक 2 बजे प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के बीच अधिकारिक बातचीत होने जा रही है। साफ़ है इस दौरान दोनों प्रधानमंत्री आपसी रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने की हरसम्भव कोशिश रहेंगे। दोनों प्रधानमंत्री कई अहम रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं जिनमें साइबर सिक्योरिटी भी एक अहम पहलू है। हथियारों की डील में मिसाइलों की बिक्री और उत्पादन, ड्रोन और राडार सिस्टम की खरीद-फरोख्त शामिल है, साथ ही PM 'मेक इन इंडिया' की मुहिम के तहत, इजराइल के हथियार निर्माताओं को भारत में प्लांट लगाने के लिए भी प्रोत्साहित करेंगे।

रक्षा के साथ-साथ दूसरा अहम एरिया है, खेती। फूड सिक्योरिटी के लिए मोदी सरकार 15 राज्यों में 26 एग्रीकल्चर एक्सपर्टाइज सेंटर खोलना चाहती है जिसमें इजराइल सबसे बड़ा भागीदार होगा, साथ ही ड्रिप इरीगेशन के क्षेत्र में इजराइल से और मदद संभव है। भारत और इजराइल पानी, स्वास्थ्य, स्पेस टेक्नोलॉजी को लेकर भी पार्टनरशिप एग्रीमेंट का एलान कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार भी गंगा सफाई को लेकर इजराइल से एक समझौता करने जा रही है जिसके तहत एक 40 मिलियन डॉलर की लागत से फण्ड की स्थापना की जाएगी।

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दौरे की अहमियत

प्रधानमंत्री का दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि भारत और इजराइल कूटनीतिक रिश्ते स्थापित होने की 25वीं सालगिरह भी मना रहे हैं। वैसे तो भारत ने 1950 में ही इजराइल को एक सम्प्रभु देश के रूप में मान्यता दे दी थी लेकिन भारत ने 1992 में इजराइल के साथ पूरी तरह से कूटनीतिक रिश्ते स्थापित किए। लेकिन पिछले 25 साल के दौरान दोनों देशों के रिश्ते जबरदस्त ऊंचाई पर पहुंचे हैं।  इजराइल भारत का सबसे बड़ा डिफेन्स पार्टनर बन चुका है। जहाँ वो इजराइल से हरेक साल करीब एक अरब डॉलर के हथियार खरीदता है। 

दौरे के मायने

वैसे भारत से ज्यादा प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के इजराइल के लिए मायने हैं, जिसे खुद इजराइली प्रधानमंत्री मान रहे हैं। PM नेतन्याहू के मुताबिक "दुनिया के सबसे विशिष्ट प्रधानमंत्रियों से एक प्रधानमंत्री और मेरे दोस्त नरेंद्र मोदी इजराइल आ रहे हैं और इस यात्रा से इजराइल की पहचान एक दुनिया में एक ताकतवर मुल्क के रूप में होगी।”

भारत के लिए मायनों की बात करें तो प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा दशकों पुरानी हमारी उस दुविधा की स्थिति को खत्म करने जा रही है, जिसके तहत भारत फलिस्तीन और इजराइल के बीच एक बैलेंस बनाकर चलता था। यहां बताना जरूरी है कि मोदी रामल्लाह नहीं जाएंगे जो फलिस्तीनी सरकार का मुख्यालय है।


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