नेशनल

मुस्लिम महिलाओं के साथ मोदी, बोले- हमने खत्म की 'महरम' प्रथा, अकेले जा सकती हैं हज

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
84
| दिसंबर 31 , 2017 , 13:45 IST

तीन तलाक के खिलाफ लोकसभा से बिल पारित किए जाने के ठीक बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हज यात्रा को लेकर मुस्लिम महिलाओं के हक में आवाज उठाई है। पुरुष अभिभावक के बिना महिलाओं के हज यात्रा पर रोक को भेदभाव और अन्याय बताते हुए पीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने इसे खत्म कर दिया है। पीएम ने साल के अंतिम 'मन की बात' में कहा कि मुस्लिम महिलाएं अब पुरुषों के बिना भी हज यात्रा पर जा सकती हैं।

पीएम ने कहा, 'हाल में ही मुझे पता चला था कि यदि कोई मुस्लिम महिला हज यात्रा पर जाना चाहती है तो वह किसी मर्द सदस्य के बिना नहीं जा सकती। मैं इस पर हैरान था कि यह कैसा भेदभाव है। लेकिन अब वे अकेली हज यात्रा पर जा सकती हैं। हमने यह नियम बदला और इस साल 1300 मुस्लिम महिलाओं ने बिना किसी पुरुष सदस्य के हज यात्रा पर जाने के लिए आवेदन किया।'

पीएम ने कहा, 'हमारी सरकार ने हज यात्रा के दौरान किसी मुस्लिम महिला के पुरुष अभिभावक के बगैर जाने की पाबंदी जिसे 'मेहरम' भी कहा जाता है, उसे संज्ञान में लिया है। आजादी के 70 साल बाद भी यह भेदभाव कायम था। मैं हैरान था कि यह अन्याय कैसे हो सकता है। और जब मैंने इस बारे में पता किया तो मुझे पता चला कि वह हम लोग ही हैं, जिन्होंने महिलाओं के अकेले हज पर जाने पर रोक लगा रखी है। कई मुस्लिम देशों में भी ऐसा नहीं होता। हमने इस परंपरा को हटा दिया। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को मैंने सुझाव दिया है कि अकेले अवेदन करने वाली संभी महिलाओं को हज यात्रा पर भेजा जाए। वैसे तो हज पर लॉटरी सिस्टम के तहत भेजा जाता है, लेकिन मैंने कहा है कि अकेले आवेदन करने वाली महिलाओं के लिए लॉटरी से अलग व्यवस्था की जाए।

पीएम ने कहा कि महिलाओं को पुरुषों के बाराबर अधिकार मिले ताकि प्रगति के पथ पर वह भी साथ आगे बढ़ें। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री इससे पहले ट्रिपल तलाक के खिलाफ भी आवाज उठा चुके हैं। उनकी सरकार सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रिपल तलाक को अवैध बताए जाने के बाद संसद में कानून पारित कराने में जुटी है।

नए साल में नए अनुभव शेयर करेंगे

मोदी ने कहा, "मन की बात का यह इस साल का आखिरी कार्यक्रम है। संयोग ये है कि ये आज साल का आखिरी दिन भी है। मन की बात के लिए आपके कई सुझाव मिले। यह मेरे लिए अच्छा रहा। साल बदलेगा। नए साल में नए अनुभव शेयर करेंगे। नए साल की शुभकामनाएं।

पिछले दिनों क्रिसमस का त्योहार मनाया गया। ईसा मसीह ने सबसे ज्यादा सेवाभाव पर बल दिया है। यह दिखाता है कि सेवा का महात्म्य क्या है। सेवा भाव मानवीय मूल्यों की बात है। हमारे देश में निष्काम सेवा की बात है। जीव सेवा यानी मानव सेवा और ईश्वर सेवा है। आने वाले साल में इन्हीं मूल्यों को याद रखना है।''
यह साल गुरु गोविंद सिंह 350वां प्रकाश पर्व था। वो एक दार्शनिक और योद्धा भी था। उत्पीड़न और अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। कितनी महान विशेषताओं के साथ रहे थे वो। उनकी महान शिक्षाओं से जीवन का ढालने का प्रयास करे।

नए वोटरों का स्वागत

मोदी ने कहा "मेरी नजर से कल का दिन खास है। नया साल आता रहता है। जो लोग 2000 या उसके बाद जन्में हैं। वो इस साल वोटर बन जाएंगे। इन नए वोटर्स को बधाई। आप रजिस्टर करें वोटिंग के लिए। 21वीं सदी के वोटर के नाते आपका स्वागत है। वोट सबसे प्रभावी साधन है। आप 21 वीं सदी के भारत के सपने को साकार करने के साधन हैं। मैं उन्हें न्यू इंडिया यूथ मानता हूं। उमंग, उत्साह और ऊर्जा के प्रतीक हैं। इनके प्रयासों से ही न्यू इंडिया का सपना साकार होगा। न्यू इंडिया यानी जहां सभी के लिए समान अवसर हों।''

न्यू इंडिया का सपना साकार करने का सोचें

मोदी ने कहा, "क्या हम भारत के हर जिले में एक मॉक पार्लियामेंट का आयोजन कर सकते हैं। हम न्यू इंडिया का सपना साकार करने का रास्ता खोजें। महात्मा गांधी ने भी नए भारत का सपना देखा था। मैं चाहता हूं कि 15 अगस्त के आसपास दिल्ली में एक मॉक पार्लियामेंट का आयोजन करें। इसमें हर जिले से एक शख्स हिस्सा ले। देश में स्किल डेवलपमेंट हो रहा है। पिछली बार मैंने पाॅजिटिविटी की बात की थी। उत्साह से भरा एक शख्स सबसे बलशाली होता है। पॉजिटिव इंडिया हैशटैग के साथ लाखों ट्वीट हुए। जो ट्वीट्स आए वो बहुत पॉजिटिव थे।

दिल्ली और बोडल की 2 महिलाओं ने अपने अनुभव शेयर किए। एक की बेटी का एमबीए में एडमिशन होना था जबकि दूसरी के पति का निधन हो गया था और उन्हें एक रुपए के बीमा पर मिलने वाली योजना का फायदा मिला।

पॉजिटिव इंडिया से प्रोग्रेसिव इंडिया की ओर चलें

मोदी ने कहा, "ऐसे कई लोग हैं जो अपने स्तर पर काम कर रहे हैं। यही तो न्यू इंडिया है। पॉजिटिव इंडिया से प्रोग्रेसिव इंडिया की रुख करें। अंजुम बशीर खटक के बारे पता लगा। उन्होंने कश्मीर एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेस में टॉप किया। उनका पुश्तैनी घर जला दिया गया था। लेकिन उन्होंने अपने लिए एक अलग रास्ता चुना। सफलता की नई कहानी खुद लिखी। उन्होंने साबित कर दिया कि हालात कितने खराब क्यों ना हों। सपनों को साकार किया जा सकता है।

कश्मीर की बेटियों से मिला। उनसे बातों में कहीं निराशा नहीं मिली। मुझे भी उनसे प्रेरणा मिली।''


कमेंट करें