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10 बेटों के बराबर है एक बेटी, मन की बात में बोले पीएम मोदी

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| जनवरी 28 , 2018 , 13:13 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 40वीं बार मन की बात की। इसके दौरान पीएम मोदी ने महिला सशक्तिकरण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से लेकर आज तक ना जाने कितनी महिलाओं ने देश को विकसित करने का काम किया है।  पीएम मोदी ने कहा, "क्या हम भारत के हर जिले में एक मॉक पार्लियामेंट का आयोजन कर सकते हैं। हम न्यू इंडिया का सपना साकार करने का रास्ता खोजें।'' 

उन्होंने आगे कहा कि महात्मा गांधी ने भी नए भारत का सपना देखा था। मैं चाहता हूं कि 15 अगस्त के आसपास दिल्ली में एक मॉक पार्लियामेंट का आयोजन करें। इसमें हर जिले से एक शख्स हिस्सा ले। इससे देश में स्किल डेवलपमेंट हो रहा है।पिछली बार मैंने पाॅजिटिविटी की बात की थी। उत्साह से भरा एक शख्स सबसे बलशाली होता है। पॉजिटिव इंडिया हैशटैग के साथ लाखों ट्वीट हुए। जो ट्वीट्स आए वो बहुत पॉजिटिव थे।''

पीएम मोदी ने कहा कि, ऐसे कई लोग हैं जो अपने स्तर पर काम कर रहे हैं। यही तो न्यू इंडिया है। पॉजिटिव इंडिया से प्रोग्रेसिव इंडिया की रुख करें। अंजुम बशीर खटक के बारे पता लगा। उन्होंने कश्मीर एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेस में टॉप किया। उनका पुश्तैनी घर जला दिया गया था। लेकिन उन्होंने अपने लिए एक अलग रास्ता चुना। सफलता की नई कहानी खुद लिखी। उन्होंने यह साबित कर दिया कि हालात कितने खराब क्यों ना हों। सपनों को साकार किया जा सकता है।''

पीएम मोदी ने कहा कि , "2018 की यह पहली मन की बात है। दो दिन पहले ही हमने गणतंत्र पर्व को बहुत ही उत्साह के साथ मनाया। इसमें10 देशों के मुखिया उपस्थित रहे।'' प्रकाश त्रिपाठी ने ऐप पर चिट्ठी लिखी। उन्होंने लिखा 1 फरवरी कल्पना चावला की पुष्यतिथि है। वो लाखों भारतीयों की प्रेरणास्रोत हैं।'' हमने कल्पना जी को बहुत कम उम्र में खो दिया।

नारी शक्ति की कोई सीमा नहीं है। कुछ भी असंभव नहीं है।'' खुशी होती है कि भारत में आज महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। इनके आगे बढ़ने से देश का गौरव भी बढ़ा रहा हैं।'' भारतीय विदुषियों की लंबी परंपरा रही है। वेदों को रचने में उनका असीम योगदान है। जैसे लोपामुद्रा और गार्गी। हम बेटी बचाओ की बात करते हैं। लेकिन, वेदों में कहा गया एक बेटी 10 बेटों के बराबर है।

पीएम मोदी ने कहा, "हमारे समाज में नारी को शक्ति का दर्जा दिया गया है। वो परिवार और समाज को एक सूत्र में बांधती हैं। नारी शक्ति हमेशा हमें प्रेरित करती आई है।'' पीएम मोदी ने आगे नारी शक्ति माइल स्टोन स्थापित कर रही हैं। राष्ट्रपति ने उन असाधारण महिलाओं के गुट से मुलाकात की जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में कुछ असंभव को संभव कर दिखाया है।''

उन्होंने हर क्षेत्र की फर्स्ट लेडीज से मुलाकात की। वो आने वाली पीढियों को प्रेरित करेंगी। इन पर पुस्तक भी प्रकाशित की गई है। ये मेरे एप पर ईबुक के तौर पर भी मौजूद है।'' एक रेल्वे स्टेशन का जिक्र करता हूं। इस बारे में उन्होंजे आगे कहा कि माटुंगा भारत का पहला ऐसा स्टेशन है जहां हर तरफ महिला स्टाफ है। इस बार बहुत से लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बीएसएफ की महिला कंटिन्जेंट ने रिपब्लिक डे पर समां बांध दिया।

मोदी ने कहा, "छत्तीसगढ़ की महिलाओं ने एक नई मिसाल कायम की है। यहां का दंतेवाड़ा हिंसा प्रभावित है। माओवादियों ने यहां भयानक वातावरण बनाया है।'' यहां महिलाएं ई-रिक्शा चला रही हैं। इससे तीन फायदे हो रहे हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण भी हो रहा है। बिहार में जिला प्रशासन भी इन्हें महत्व दे रहा है।'' कहते हैं कि हस्ती मिटती नहीं हमारी। हमारे समाज की विशेषता सेल्फ करेक्शन है। यानी आत्म सुधार। किसी भी जीवंत समाज की यही विशेषता होती है।''

बिहार में 13 हजार किलोमीटर की ह्यूमन चेन बनाई गई। दहेज और बाल विवाह से लड़ने के लिए राज्य ने संकल्प लिया। यह राज्य की सीमाओं तक जुड़ती चली गई। जरूरी है कि समाज इनसे मुक्त हो। न्यू इंडिया के लिए ये जरूरी है। सीएम और प्रशासन की प्रशंसा करता हूं।'' मैसूर के दर्शन ने लिखा है- हम पहले 6 हजार रुपए पिता के इलाज पर खर्च करते थे। जन औषधि के जरिए। मैंने कई वीडियो देखे हैं जिन्होंने इस तरह का लाभ लिया है।''

दर्शन जी ने लिखा है कि उनके पिता का इलाज 75 फीसदी कम हो गया। मुझे खुशी होती है। जन औषधि केंद्र पर मिलने वाली दवाएं बाजार से 75 से 90 फीसदी तक सस्ती हैं। वहां अच्छी दवाएं कम कीमत पर मिल जाती हैं। 3 हजार केंद्र देश में ऐेसे खोले गए हैं।'' पीएम मोदी ने कहा, "मंगेश ने एक फोटो शेयर की है। एक पोता अपने दादा के साथ क्लीन मोरना अभियान में हिस्सा ले रहा है। मोरना पहले 12 महीने बहती थी अब सीजनल हो गई है।

एक एक्शन प्लान तैयार किया गया। 4 किमी दूर तक सफाई की गई। अकोला के 6 हजार और साथियों ने सफाई अभियान में हिस्सा लिया। इन लोगों को बहुत बधाई।'' पद्म पुरस्कारों की चर्चा हो रही है। थोड़ा बारीकी से देखें। कैसे-कैसे महान लोग हमारे बीच में हैं। आज सामान्य आदमी भी बिना किसी सिफारिश के ऊंचाई पर पहुंच रहे हैं। तीन साल में प्रक्रिया बदल गई है।''

पीएम मोदी ने कहा, "हर साल 9 जनवरी को हम प्रवासी भारतीय दिवस मनाते हैं। इस दिन हम दुनियाभर में रह रहे भारतीयों के लिए दिवस मनाते हैं। हमने इस बार एनआरआई सांसद और मेयरों को बुलाया।'' हमारे मूल भारतीय लोग कोई साइबर सिक्युरिटी में तो कोई दवाओं के क्षेत्र में काम कर रहा है।

जहां भी हमारे लोग हैं उन्होंने अपना और देश का नाम रोशन किया है।'' 30 जनवरी को बापू की पुष्यतिथि है। हम शहीद दिवस मनाते हैं। शांति और अहिंसा का रास्ता यही बापू का रास्ता है। बापू की बातें कोरे सिद्धांत नहीं हैं। हम देखते हैं कि उनकी बातें कितनी सही थीं। आप सबको 2018 की शुभकामनाएं।''


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं

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