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दावोस में PM मोदी ने दिया FDI का न्योता, जानें भाषण की 15 खास बातें

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 23 , 2018 , 18:54 IST

पीएम नरेंद्र मोदी ने दावोस के मंच से अपना संबोधन दिया। इसमें उन्होंने न सिर्फ भारत की उपलब्ध‍ियां गिनाईं, बल्क‍ि उन्होंने दुनिया को भी अपने भाषण से संदेश दिया है। पीएम मोदी के भाषण में देश और दुनिया के लिए कई छुपे संदेश थे।

दो दशक में भारत हुआ है मजबूत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत भारतीय जीडीपी का जिक्र करते हुए किया। उन्होंने कहा कि दावोस में आखि‍री बार भारतीय पीएम की यात्रा 1997 में हुई थी। 1997 में भारत की जीडीपी 40 करोड़ डॉलर से कुछ ज्यादा थी। अब यह छह गुना से ज्यादा हो चुकी है।

पीएम मोदी ने अपने भाषण में इस बात का उल्लेख कर यह बताने की कोशिश की है कि भारत अब विश्वशक्ति बनने के लिए तैयार है। भारत की इकोनॉमी लगातार बढ़ती जा रही है और पिछले दो दशकों में भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।

एफडीआई का दिया न्यौता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत दुनिया के सभी देशों का स्वागत अपने घर में करता है। उन्होंने इसके जरिये भारत में दूसरे देशों को निवेश का न्यौता दिया।

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एफडीआई के विरोधियों को दिया जवाब

उन्होंने महात्मा गांधी का एक उद्धरण अपने भाषण में दिया। उन्होंने कहा, '' गांधी जी ने कहा था कि मैं नहीं चाहता कि मेरे घर की दीवारें और खिड़कियां बंद हों। मैं चाहता हूं कि सारी दुनिया की हवा और संस्कृति मेरे घर में पहुंचे। लेकिन मैं ये कभी नहीं चाहूंगा कि ये हवाएं मेरे पैर उखाड़ दें। पीएम मोदी ने इससे देश में उन लोगों को जवाब दिया है, जो एफडीआई का विरोध कर रहे हैं।

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इस बात से उन्होंने संदेश दिया कि वह एफडीआई के पक्ष में हैं। हालांकि इसका मतलब ये कतई नहीं है कि इससे देश की कमान विदेशी कंपनियों के हाथ में चली जाएगी। इसके साथ ही पीएम मोदी ने इसके जरिये भारत में विदेशी निवेश के लिए खोले जा रहे दरवाजों का जिक्र किया है।

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नोटबंदी और जीएसटी जैसे बड़े फैसलों का किया बचाव

मोदी ने अपने भाषण में कहा कि हम छोटे-मोटे सुधार नहीं करते, बल्क‍ि हम आमूलचूल सुधार करने को तवज्जो देते हैं। भारत की अर्थव्यवस्था को जिस प्रकार से निवेश के लिए सुगम बना रहे हैं, उसका कोई शानी नहीं है। आज भारत में निवेश करना, भारत की यात्रा करना और मैन्युफैक्चरिंग करना और भारत से अपने उत्पाद दुनियाभर में एक्सपोर्ट करना पहले की तुलना में बहुत आसान हो गया है।

 

 

 


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