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दिल्ली का नटवरलाल!166 बार महंगे स्मार्टफोन मंगाए, फिर रिफंड से 50 लाख का चूना लगाया

अमितेष युवराज सिंह, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 11 , 2017 , 18:13 IST | नयी दिल्ली

दिल्ली में फ्रॉड करने वाले एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया गया कि जिसकी कहानी सुनकर आप हैरत में पड़ जाएंगे। पुलिस ने शिवम चोपड़ा नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। इस युवक पर ऑनलाइन मोबाइल मंगाकर उसपर रिफंड लेने का आरोप है। इस शातिर युवक ने ऑनलाइन शॉपिंग साइट अमेजन को लाखों रुपये का चूना लगाया।  पुलिस से युवक को उत्तर पश्चिमी दिल्ली के त्रिनगर इलाके से पकड़ा है।

21 वर्षीय युवक पर आरोप है कि वह ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी से फोन ऑर्डर करता था और बाद में शिकायत करता था कि फोन के डिब्बे में कुछ नहीं था। शिवम ने ऐसा 225 बार किया जिसमें वह 166 बार कंपनी से रिफंड लेने में कामयाब रहा। 166 बार रिफंड लेकर अमेजन को वह 52 लाख रुपये का चूना लगा चुका है । पुलिस ने उसे पिछले हफ्ते अमेजन कंपनी की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया है। शिवम के पास से 166 महंगे मोबाइल फोन, 150 सिम कार्ड और कुछ निवेश के दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

ऐसे करता था धोखाधड़ी

शिवम अमेजन से स्मार्टफोन ऑर्डर करता था और बाद में शिकायत करता था फोन का डिब्बा बिल्कुल खाली आया है। इसके बाद वो कंपनी को रिफंड की रिक्वेस्ट भेजता था। इसकी शुरुआत शिवम ने मार्च महीने से की। उसने सबसे पहले टेस्टिंग के तौर पर दो फोन ऑर्डर किए और उसका रिफंड लेने में कामयाब रहा। इसके बाद उसने लगातार दो महीने यानी अप्रैल और मई में एप्पल, सैमसंग और वनप्लस स्मार्टफोन्स ऑर्डर किए। शिवम इन फोन्स को या तो OLX या फिर गफ्फार मार्केट में बेच देता था।

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शिवम के घर के पास ही रहने वाला एक टेलिकॉम स्टोर के मालिक सचिन जैन ने उसे 141 प्री-एक्टिवेटेड सिम (150 रुपये प्रति सिम) बेची थी। इससे वो अलग-अलग नाम से फोन को ऑर्डर कर पाता था। आपको बता दें कि सचिन जैन को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

इस मामले में डीसीपी (नॉर्थ-वेस्ट) मिलिंद डुंबरे ने कहा कि आरोपी शिवम चोपड़ा ने इस तरह की कॉल करने के लिए तकरीबन 141 सिम कार्ड का इस्तेमाल किया है। इसके साथ ही 50 इमेल आईडी भी बनाई। उसने ई कॉमर्स ऐप पर कई अकाउंट भी बना रखे थे। 

उन्होंने आगे बताया कि शिवम हर बार गलत एड्रेस देता था। जब डिलिवरी बॉय मोबाइल लेकर आता तो वह उसे फोन कर रास्ता समझा देता। प्रोडक्ट लेने के बाद वह उसे कैश पेमेंट भी करता था। डिलिवरी करने के बाद शिवम फौरन कंपनी में फोन करता था और बताता था कि जो मोबाइल का डिब्बा उसे मिला है, वह पूरी तरह से खाली है। कंपनी उसे कुछ दिनों में रिफंड कर देती थी। पुलिस का कहना है कि वह दो तरीके से फायदे में रहता था। पहले रिफंड लेता और दूसरा फोन बेचकर पैसे कमा लेता।


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