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पॉर्न एडिक्ट था प्रद्युम्न का आरोपी! पूछताछ में कहा- मैंने बस उसे मार डाला

श्वेता बाजपेई, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 9 , 2017 , 12:55 IST | नई दिल्ली

प्रद्युम्न हत्याकांड मामले में मंगलवार शाम को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल के 11वीं कक्षा के छात्र को बुधवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पेश किया गया। यहां से सीबीआई ने उसे तीन दिन के रिमांड पर लिया है।

केस में पकड़े गए छात्र का एक साल से मानसिक इलाज चल रहा है। वह बहुत ही बदमाश और उद्दंड किस्म का छात्र है। उसके सहपाठियों का आरोप है कि वह हमेशा मारपीट पर उतारू रहता था। स्कूल बैग में चाकू लाता था। इतना ही नहीं स्कूल में पॉर्न फिल्म भी देखता था।

नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर उसके सहपाठियों ने बताया कि आरोपी नाबालिग उद्दंड है। स्कूल में भी अशिष्ट व्यवहार करता था। वह अपनी उम्र के सामान्य लड़कों से अधिक भारी है। इतना ही नहीं वह छोटी-छोटी बातों पर दूसरे छात्रों पर हाथ उठाने को तैयार रहता था। वह पढ़ाई और खेल में भी ठीक नहीं था।

सीबीआई सूत्रों का कहना है कि आरोपी छात्र ने स्कूल बंद कराने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया है। वह पढ़ाई में कमजोर में था, इसलिए स्कूल में होने वाली परीक्षा और पैरेंट्स-टीचर मीटिंग को टालना चाहता था। उसने अपने दोस्तों से भी कहा था कि वे परीक्षा की तैयारी न करें, क्योंकि स्कूल में छुट्टी होने वाली है।

सीबीआई का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी चाकू ले जाते दिखाई दिया है। उसने टॉयलेट में जाकर मोबाइल पर पोर्न फिल्म देखी। उसी समय उसकी नजर प्रद्युम्न ठाकुर पर पड़ी। उसने चाकू निकाला और प्रद्युम्न का गला काटकर उसकी हत्या कर दी। इस दौरान प्रद्युम्न का यौन शोषण नहीं हुआ था।

सीबीआई अधिकारी ने बताया कि आरोपी 11वीं के स्टूडेंट ने प्रद्युम्न को कोई जरूरी बात बताने का लालच देकर बाथरूम के अंदर बुलाया और कुछ सेकंड्स के अंदर उसका गला रेत दिया। अधिकारी ने कहा, 'किसी न किसी को तो उस दिन मरना था। वह इस तैयारी के साथ आया था कि आज वह किसी न किसी पर इस चाकू का इस्तेमाल करेगा। प्रद्युम्न दुर्भाग्य से गलत समय पर गलत जगह पहुंच गया।'

पूछताछ के दौरान आरोपी स्टूडेंट ने सीबीआई को बताया, 'मुझे कुछ समझ नहीं आया। मैं पूरा तरह ब्लैंक हो गया था और बस मैंने उसे मार डाला।' सीबीआई ने बताया कि अशोक को आरोपी बताते हुए हरियाणा पुलिस ने जिस चाकू को 'हत्या के हथियार' के तौर पर पेश किया था, आरोपी स्टूडेंट ने उसी का इस्तेमाल किया था। इस चाकू को हरियाणा पुलिस ने टॉइलट के कमोड से बरामद किया था। सीबीआई के मुताबिक, क्राइम स्पॉट का कई बार निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच, कॉल रेकॉर्ड्स खंगालने और टीचर्स, स्टूडेंट्स सहित कई लोगों से पूछताछ के बाद वह आरोपी तक पहुंच पाई।

सीबीआई के मुताबिक, प्रद्युम्न का गला रेतने के बाद आरोपी ने स्कूल के माली को बाथरूम में 'घायल' हुए लड़के की जानकरी दी। जैसे ही वहां स्कूल के शिक्षकों और स्टाफ का जमावड़ा लगना शुरू हुआ, आरोपी चुपचाप जाकर अपनी क्लास में बैठ गया जहां एग्जाम शुरू हो चुका था। वह कुछ मिनटों की देरी से पहुंचा था। इसके कुछ देर बाद वही हुआ जो आरोपी चाहता था। एग्जाम को रद्द कर दिया गया, स्कूल को खाली करवा के बंद कर दिया गया।

वहीँ प्रद्युम्न की मां ने कहा कि 'हम नहीं जानते कि वह बच्चा (आरोपी स्टूडेंट) कौन है। शायद प्रद्युम्न उसे अपने स्कूल के स्टूडेंट के तौर पर ही जानता होगा। मैं उससे पूछना चाहती हूं कि उसने मेरे बेटे को क्यों मारा।' प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने कहा कि वह उनके बेटे की हत्या के बाद सीबीआई की जांच से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी स्टूडेंट के साथ नाबालिग की तरह नहीं, बल्कि व्यस्क की तरह बर्ताव किया जाना चाहिए। कोई नाबालिग ऐसा क्राइम नहीं कर सकता है।


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